व्यवस्था:वन नेशन वन कार्ड; 166 दुकानों से 59 फीसदी ने अंगूठा लगाकर लिया राशन, आधार लिंक जरूरी

बिलासपुर19 दिन पहले
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  • जिले में 669 राशन दुकान हैं, यानी अभी 503 राशन दुकानों में और लगेंगी मशीनें

अब शासकीय दुकान से उसी व्यक्ति को राशन मिलेगा, जिनका राशनकार्ड उसके आधार से जुड़ा होगा। शहरी क्षेत्र के 166 राशन दुकानों में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। वहां 59 फीसदी लोगों ने अंगूठा लगाकर राशन लिया। राशन दुकानों से किसी भी तरह की चोरी रोकने के लिए अब 166 राशन दुकानों में वन नेशन-वन कार्ड के तहत नई मशीनें बांटी जा चुकी है।

अब नई ऑनलाइन मशीन से बीपीएल-एपीएल कार्ड वालों को राशन दिया जा रहा है। अफसरों का दावा है कि राशन दुकानदार पात्र लोगों को कितने किलो चावल और शक्कर दे रहा है, इसकी इंट्री भी ऑटोमेटिक मेन सर्वर में हो जाएगी। यानी इस नए सिस्टम से जिसका राशन होगा उसी को ही मिलेगा। जिले में 669 राशन दुकान हैं। यानी अभी 503 राशन दुकानों में पीओ एस मशीन बांटना बाकी है। ये दुकानें ग्रामीण इलाकों की है और वहां भी शहरी क्षेत्र की दुकानों की तर्ज पर ही काम होगा। प्रभारी खाद्य नियंत्रक राजेश शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में सभी राशन दुकानों में मशीनें लगाई जाएंगी और राशन वहीं ले सकेगा जिसका आधार कार्ड राशनकार्ड से लिंक रहेगा। अब ऐसे राशनकार्डों की संख्या 250-300 ही बची है, बाकी सभी कार्डों में किसी ने किसी सदस्य का आधार उसके कार्ड से लिंक है। बिलासपुर में 59 फीसदी ट्रांजेक्शन है।

ऐसे रहेगी पारदर्शिता, अंगूठे का निशान जरूरी
केंद्र सरकार की वन नेशन-वन कार्ड योजना को छत्तीसगढ़ में लागू किया गया। अधिकारियों के अनुसार पीओएस मशीन सीधे यूआईडी यानी आधार कार्ड के मेन सर्वर के साथ जुड़ी रहेगी। राशन दुकान में राशन लेने वाला व्यक्ति जब आएगा तो उसका आधार नंबर और अंगूठे का निशान लिया जाएगा। जैसे ही आधार नंबर डाला जाएगा उसकी पूरी जानकारी मशीन में डिस्पले होगी। अंगूठे के निशान से यह तय होगा कि जिस व्यक्ति का आधार नंबर है वो ही राशन लेने आया है।

तौल मशीन भी ब्लू टूथ से जुड़ी है
दुकानदार इलेक्ट्रॉनिक तौैल मशीन से राशन तौलेगा। यह तौल भी मशीन भी पीओएस मशीन से ब्लू टूथ से जुड़ी है। यानी पात्र लोगों को जितना चावल-शक्कर देना है उतना ही देना होगा। दुकानदार जैसे ही मशीन में चावल रखेगा उसके वजन की इंट्री ऑनलाइन भी हो जा रही है। इससे राशन दुकानदारों में प्लस-माइनस राशन रखने का खेल भी खत्म होगा। जिस दुकानदार को जितना राशन आवंटित होगा उसे उतना राशन बांटना ही होगा। जो बचेगा वो ऑटोमेटिक वापस हो जाएगा।

राशनकार्ड की संख्या में राज्य में दूसरे नंबर पर है बिलासपुर
जिले में 88955 अंत्योदय, 3756 निराश्रित, 308429 प्राथमिकता कार्ड, 666 निशक्त, 73048 एपीएल सहित 4 लाख 74 हजार 854 कार्ड हैं। इनमें 316016 ग्रामीण तो 158838 शहरी क्षेत्र में हैं। राशनकार्ड की संख्या के मामले में बिलासपुर राज्य में दूसरे नंबर पर है। सबसे ज्यादा रायपुर जिले में 5 लाख 37 हजार 329 राशनकार्ड हैं। बिलासपुर के बाद सबसे ज्यादा 4 लाख 73 हजार 398 राशनकार्ड जांजगीर-चांपा जिले में हैं।

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