बिलासपुर-मुंगेली बार्डर पर जुआरियों का मेला:4 किमी पैदल चलकर पहुंचे जवान, पुलिस को देख डैम में कूद गया फड़दार, मशक्कत के बाद निकला बाहर

बिलासपुर2 महीने पहले
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पुलिस गिरफ्त में जुआरी - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में जुआरी

बिलासपुर व मुंगेली जिले के सरहदी जंगल में जुआरियों की महफिल सजी थी। पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए तीन से चार किलोमीटर पैदल चल कर अड्‌डे तक पहुंच गई। पुलिस से बचने के लिए जुआ खिलाने वाला फड़दार ने डैम में छलांग लगा दी। इससे पुलिसकर्मियों की सांसे थम गई। कड़ी मशक्कत व समझाइश देने पर वह बाहर निकला, तब पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। इस कार्रवाई में 11 जुआरियों से 1 लाख 12 हजार रुपए, 8 मोबाइल व पांच बाइक जब्त किए गए। मामला तखतपुर के जूनापारा चौकी का है।

SP दीपक झा ने पुलिस अफसरों व थानेदारों को जुआ-सट्‌टा व शराब जैसे अवैध कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जूनापारा चौकी क्षेत्र में जुआ चलने की लगातार शिकायतें मिल रही थी। इस पर SP झा ने थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी को दबिश देने की चेतावनी दी थी। फिर भी जुआ बंद नहीं हुआ। लिहाजा, SP झा ने साइबर सेल की टीम के साथ पुलिस लाइन से बल भेजकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मंगलवार शाम टीम जुआरियों को पकड़ने की योजना बनाई और जूनापारा क्षेत्र के लिए रवाना हुई। आधे रास्ते में टीम सदस्यों ने कार खड़ी कर दी। बाइक में सवार होकर जंगल की तरफ निकल गए। फिर 3 से 4 किलोमीटर पैदल चल कर जुआरियों के फड़ तक पहुंच गई। जुआ ग्राम अघरिया स्थित छुइया डैम के पास चल रहा था। अनजान चेहरों को देखकर जुआरियों को पुलिस के आने की भनक लग गई और सभी इधर-उधर भागने लगे।

पुलिस ने घेराबंदी कर 10 जुआरियों को पकड़ लिया। पुलिस के डर से हरिशचंद्र उर्फ गोलू ठाकुर डेम में कूद गया। उसकी हरकतों को देखकर मौजूद पुलिसकर्मियों के हांथ-पांव फूलने लगे। उन्होंने युवक को समझाइश दी। फिर भी वह बाहर आने के लिए तैयार नहीं था। कड़ी मशक्कत व बार-बार समझाइश के बाद युवक बाहर निकला, तब पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। उसके निकलने के बाद पता चला कि गोलू ठाकुर ही ठेके में फड़ चला रहा था। जुआरियों को जूनापारा चौकी के हवाले कर पुलिस की टीम वापस लौटी।

चौकी प्रभारी व स्टाफ को नहीं लगी भनक
साइबर सेल की इस कार्रवाई की भनक जूनापारा चौकी पुलिस को भी नहीं लगी। दरअसल, अफसरों ने चौकी प्रभारी को कई बार जुआरियों को पकड़ने के लिए पाइंट दिया था। इसके बाद भी स्थानीय स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया। इससे चौकी प्रभारी व स्टाफ की मिलीभगत से जुआ संचालित होने के आरोप लगने लगे। यही वजह है कि मंगलवार को हुई कार्रवाई की भनक भी स्थानीय टीम को नहीं लगी।

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