ओयू का नया नियम:प्री बीएड व डीएलएड में समान अंक वालों में ज्यादा उम्र की जगह कम वाले को वरीयता

बिलासपुर2 महीने पहले
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  • बीएड और डीएलएड की प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट और रैंक जारी, जिसे छात्र गलत बता रहे हैं

पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी ने प्री-बीएड और प्री-डीएलएड का रिजल्ट और रैंक जारी किया है। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए रैंक को लेकर छात्र परेशान हैं। ओयू के बीएड व डीएलएड के रिजल्ट में कई छात्रों को समान अंक मिला है। इन छात्रों का रैंक कैटेगरी और उम्र के हिसाब से तय होना था।

जो यूनिवर्सिटी ने जारी की है,पर यूनिवर्सिटी ने समान अंक वाले छात्रों में जो सबसे कम उम्र का है, उसे पहले वरियता दी है। इनका रैंक ऊपर है। जबकि छात्रों का कहना है कि हर जगह जिनकी उम्र ज्यादा होती है, उन्हें वरियता दी जाती रही है। पर ओयू अपनी मनमानी कर रही है। ओयू ने प्री-बीएड और प्री डीएलएड की प्रवेश परीक्षा 22 जिले के 35 परीक्षा केंद्राें में ली थी। बीएड की प्रवेश परीक्षा में 6 हजार 572 छात्रों ने परीक्षा दी थी। 1 हजार 114 छात्र अनुपस्थित थे। वहीं डीएलएड की प्रवेश परीक्षा में 2 हजार 622 छात्रों ने परीक्षा दी थी। 667 छात्र अनुपस्थित थे। रिजल्ट और रैंक जारी हुआ है। अब रैंक को लेकर छात्र परेशान हैं।

इतने छात्रों के साथ ओयू गलत कर रही
डीएलड के रिजल्ट में अधिकांश छात्रों को समान नंबर हैं। डीएलएड में 80 अंक पाने वाले 5 छात्र हैं। इसी तरह 77 पाने वाले 14 छात्र, 72 पाने वाले 17, 71 पाने वालेे 19, 70 पाने वालेे 20, 62 पाने वाले 47 और 60 अंक पाने वाले 49 छात्र हैं। वहीं बीएड में 7 छात्रों ने 81 अंक, 9 ने 80 अंक, 10 ने 78 अंक, 18 ने 77 अंक, 17 ने 76 अंक और 23 छात्रों ने 75 अंक मिले हैं।

विशेषज्ञों ने कहा नियम गलत है
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. एमएसके खोखर ने बताया कि प्रवेश और नौकरी में भी समान अंक पर उम्र के हिसाब से ज्यादा आयु वाले को मौका दिया जाता है। यही नियम है। वहीं डीपी विप्र लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अन्नू भाई सोनी ने कहा कि उत्तरप्रदेश में विद्युत सेवा में नौकरियां निकली हैं। प्लाटून कमांडर की वैकेंसी आई है, इन सभी के नियम में लिखा है कि अगर दो अभ्यर्थियों के समान अंक आएंगे तो उम्र के अनुसार जो वरिष्ठ होगा उन्हें मौका दिया जाएगा।

सही रैंक जारी हुआ है
ओपन यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक टीएस ठाकुर ने कहा कि रिजल्ट सही जारी हुआ है। जो सबसे कम उम्र का है, उसे मौका दिया गया है। यही नियम है। बीएड की विभागाध्यक्ष डॉ. बीना सिंह ने कहा कि यह हमारे यूनिवर्सिटी का नियम है, जिसमें कम उम्र को वरियता दी जाती है।

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