दोस्त को मंत्री का PA बताया और ठगे 11 लाख:जनपद पंचायत के प्यून का कारनामा, हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने का दिया था झांसा

बिलासपुर7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
डमी फोटो। - Dainik Bhaskar
डमी फोटो।

बिलासपुर में जनपद पंचायत के प्यून और मंत्री के कथित PA ने मिलकर हाईकोर्ट में नौकरी लगाने के लिए दो ग्रामीणों से 11 लाख 60 हजार रुपए की ठगी कर ली। रुपए देने के बाद भी न तो नौकरी मिली और नहीं रुपए लौटाए गए। तब दोनों ग्रामीणों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम ग्राम दुर्गडीह निवासी रामगोपाल यादव (54) खेती-किसानी करता है। जरहागांव थाना क्षेत्र के ग्राम भथरी के शशीकांत जोशी का उसके गांव में आना-जाना था। इसके चलते शशीकांत से उसकी जान-पहचान हो गई। शशीकांत जनपद पंचायत बिल्हा में चपरासी है। अक्टूबर 2020 में शशीकांत ने हाईकोर्ट में नौकरी लगाने का दावा किया। रामगोपाल अपने बेटे कृष्ण गोपाल यादव और बेटी ममता यादव की नौकरी लगाने के लिए तैयार हो गया और तीन-तीन लाख रुपए में सौदा तय किया।
हाईकोर्ट में माली, चपरासी जैसे पद निकलने की जानकारी
शशीकांत ने रामगोपाल को बताया कि हाईकोर्ट में माली, चौकीदार, चपरासी जैसे पद निकले है। शशीकांत से सौदा तय होने के बाद उसने अपने भतीजे को भी नौकरी लगवाने के लिए बात कर ली। रुपए देने के बाद भी न तो उसके बेटा व बेटी को नौकरी मिली और न ही रकम वापस किया। तब उसने मामले की शिकायत पुलिस से की।
नौकरी लगने की बात सुनकर जाल में फंस गया दोस्त
रामगोपाल का दोस्त टेटुराम कुर्रे पचपेड़ी क्षेत्र के भथरी में रहता है। उसे भी उसने बेटे व बेटी की नौकरी की तय होने जानकारी दी। टेटूराम कुर्रे भी अपने बेटे की नौकरी के लिए तैयार हो गया। फिर दोनों शशीकांत से मिले।
कथित PA से तखतपुर में मिलाया
शशीकांत ने 9 सितंबर 2020 को फोन कर उन्हें तखतपुर बुलाया और मंत्री के PA बताकर अंशु जायसवाल से मुलाकात कराने की बात की। रामगोपाल और टेटुराम तखतपुर पहुंचे, तब शशिकांत मिलने आया। अपने साथ लाए युवक को मंत्री का PA बताकर अंशु जायसवाल से मिलाया। इस दौरान उन्होंने 30 हजार रुपए शशीकांत को दिए।
रायपुर में भी दिए रुपए
इस दौरान लॉकडाउन लग गया था। इसके चलते शशीकांत से उसकी मुलाकात नहीं हुई। बाद में 10 अगस्त 2021 को उन्हें रायपुर लेकर गया, जहां मंत्रालय गेट के सामने टेटुराम व बहोरन दास के साथ शशीकांत जोशी को 4 लाख रुपए दिया। इस तरह से दोनों ने अलग-अलग किश्तों में 11 लाख 60 हजार रुपए दिए। लेकिन नौकरी नहीं लगी।
शक न हो, इसलिए फोन से बात करता था शशीकांत
रुपए वसूली करने के बाद दोनों ग्रामीण को संदेह न हो, इसलिए आरोपी शशीकांत मोबाइल से लगातार संपर्क में रहा और जल्द काम होने का भरोसा दिलाता रहा। इसके चलते रामगोपाल व उसके दोस्त को विश्वास हो गया कि उनके बेटे व बेटी की नौकरी जल्द लग जाएगी। शशीकांत ने उन्हें कहा था कि सितंबर तक उनका काम हो जाएगा और नौकरी मिल जाएगी। लेकिन, इसके बाद भी उनका काम नहीं हुआ।
कथित PA की जानकारी जुटाने पर हुआ ठगी का अहसास
नौकरी नहीं मिलने पर उन्हें शक हुआ तब रामगोपाल व उसके दोस्त पथरिया पहुंचे और अंशु जायसवाल के बारे में जानकारी जुटाई। उन्हें पता चला कि अंशु कोई मंत्री का PA नहीं है। वह पथरिया के सरगांव रोड में अंशु कृषि फार्म के नाम से दुकान चलाता है। उसका गांव पदमपुर है और वहीं से आना-जाना करता है। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और आरोपी से रुपए वापस मांगने लगे।

खबरें और भी हैं...