रेलवे का घूसखोर क्लर्क गिरफ्तार:म्यूचुअल ट्रांसफर के नाम पर मांगे थे 5 हजार रुपए; बिलासपुर में 1500 रुपए लेते विजिलेंस टीम ने पकड़ा

बिलासपुर8 महीने पहले
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डमी फोटो - Dainik Bhaskar
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में म्यूचुअल ट्रांसफर कराने के नाम पर ट्रैक मेंटेनर से 1500 रुपए घूस लेते डीपीओ ऑफिस के क्लर्क को विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क पीड़ित कर्मचारी से रकम लेने के बाद भी एक साल से घुमा रहा था और उससे अतिरिक्त रुपए मांग रहा था। इससे परेशान होकर पीड़ित कर्मी ने शिकायत कर दी। आरोपी ने 5 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी।

रेलवे के अनुपपुर सेक्शन के अमलाई डीसीएस 3 में ट्रैकमैन मिथिलेश परते (28) ने दिसंबर 2020 को म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए आवेदनपत्र जमा किया था। उसका आवेदन सीनियर डीपीओ ऑफिस में पहुंचा। जहां जय प्रसाद सोनी क्लर्क के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि उसने मिथिलेश से 5 हजार रुपए की मांग की। मार्च 2021 में मिथिलेश ने उसे 500 रुपए एडवांस दिया। इसके बाद 6 दिसंबर 2021 को 1500 रुपए दिए। इस दौरान जेपी सोनी जल्द काम करने का भरोसा दिलाता रहा।

ट्रैकमैन ऑफिस जाता, तो उससे चाय-नाश्ते के रुपए मांगता

आरोप है कि मिथलेश जब भी ऑफिस आता तो क्लर्क सोनी उससे चाय-नाश्ता के नाम से रुपए मांगता। 2 हजार से ज्यादा रुपए देने के बाद भी वह 3 हजार रुपए और मांग रहा था। बार-बार रुपए मांगने से परेशान होकर मिथिलेश ने रेलवे के विजिलेंस ऑफिस में शिकायत कर दी। उसकी शिकायत का परीक्षण कराने के बाद टीम ने मिथिलेश को मंगलवार को बुलाया और क्लर्क जेपी सोनी से मोबाइल पर बात कराई।

कार्रवाई की आशंका से रुपए लेने के लिए घुमाता रहा

इसके बाद मिथलेश को क्लर्क ने रुपए देने के लिए तितली चौक पर बुलाया। वहां पहुंचा तो क्लर्क ने उसे बुधवारी बाजार बुलाया, फिर वहां से पोस्ट ऑफिस के पास आने के लिए कहा। क्लर्क ने उसे पैदल बुलाया था। फिर वह स्कूटी में पहुंचा और उसे अपने साथ बैठाकर ले गया। इस दौरान विजिलेंस टीम मिथिलेश के पीछे लगी थी। जैसे ही क्लर्क उससे रुपए लिए टीम पहुंच गई और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

अनूपपुर से नागपुर जाना चाहता था मिथिलेश
रकम लेने के साथ ही क्लर्क जेपी ने मिथिलेश को ट्रांसफर ऑर्डर भी दिया। उसने बताया कि वह अनूपपुर डिवीजन से नागपुर जाना चाहता है। म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए उसने नागपुर से बिलासपुर आने के लिए कर्मचारी खोज लिया था और दोनों ने म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद भी आरोपी बाबू जेपी सोनी ने उसे पिछले एक साल से घूमा रहा था।

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