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सुसाइड़ का मामला:रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने ट्रेन से कटकर कर ली खुदकुशी

बिलासपुर2 महीने पहले
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  • चलती ट्रेन के सामने आकर पटरी पर रख दिया सिर, धड़ से अलग हुआ

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ सीएल मीणा ने मंगलवार की सुबह ट्रेन के सामने पटरी पर सिर रखकर आत्महत्या कर ली। जांच में उनके पास से सुसाइड नोट भी मिला है। कुछ महीनों से बीमार होने की वजह से वे अवकाश पर चल रहे थे।

उसलापुर रेलवे स्टेशन के करीब रहने वाले रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ छुट्टनलाल मीणा पिता स्व. जय लाल मीणा 48 वर्ष हर दिन की तरह सुबह 8 बजे घर से मॉर्निंग वाक के लिए बाहर निकले। घर के सामने ही बिलासपुर- कटनी रेल मार्ग है। यह उसलापुर रेलवे स्टेशन के तकरीबन 300 मीटर की दूरी पर है।

वे घर से निकले और सीधे रेलवे लाइन पर चले गए। वे पटरियों पर चलते हुए उसलापुर रेलवे स्टेशन की तरफ बढ़े और लाइन नंबर 4 से गुजर रही गाडी ‘ संख्या बीओबीआरएन / एसजीएनई -07 के सामने पटरी पर सिर रखकर लेट गए। इससे पहले की मालगाड़ी का लोको पायलट कुछ कर पाता ट्रेन सिर को धड़ से अलग करके आगे निकल गई।

लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को एक व्यक्ति के आत्महत्या करने की सूचना दी। इस बीच काफी देर हो जाने की वजह से परिजन परेशान हुए और उन्हें तलाशने के लिए निकले। बीमार होने की वजह से वे ज्यादा देर बाहर नहीं रहते थे। इस बीच किसी के ट्रेन से कटने की सूचना उनके पुत्र को लगी तो वे मौके पर गए और उनकी शिनाख्ती की।

उसलापुर स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना जीआरपी को दी। मृतक ने आत्महत्या अपने घर से लगभग 150 मीटर की दूरी पर की। इस बीच आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक बी सिंह व आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और लाश की सुरक्षा करने लगे। जीआरपी के प्रधान आरक्षक विश्वनाथ चक्रवर्ती अपने स्टाफ के साथ वहां पहुंचकर मौका पंचनामा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

पंचनामा के दौरान मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने लिखा है वे स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं इसके लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है। इस मामले में सीनियर डीसीएम पुलकित सिंघल का कहना है कि मृतक इंजीनियरिंग विभाग का कर्मचारी और पिछले कुछ महीनों से सिक पर चल रहा था।

एक दिन पहले ही लिख चुके थे सुसाइड नोट

सीएल मीणा ने सुसाइड नोट आत्महत्या करने से एक दिन पहले यानी 2 अगस्त को लिखा था। इससे लग रहा है कि उन्होंने पहले से मन बना लिया था। इसमें उन्होंने लिखा है कि वे अपनी स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं। इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं। परिजनों को इसकी खबर ही नहीं हुई। परिजनों के मुताबिक उनके हाव भाव से ऐसा जरा भी नहीं लग रहा था कि वे ऐसा कदम उठा सकते हैं। मृतक के दो पुत्र व एक पुत्री है। सभी अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

स्क्रैप नीलामी मामले में सस्पेंड हुए थे रेल अफसर

सीएम मीणा को पिछले साल बैकुंठपुर में नीलाम किए गए स्क्रैप में बड़ी गड़बड़ी करने के आरोप में सस्पेंड किया गया था। उस समय वे स्क्रैप गोदाम के प्रभारी थे और 8 लाख रुपए से अधिक का अतिरिक्त स्क्रैप खरीदी करने वालों के ट्रकों में लोड करा चुके थे।

जिसे विजिलेंस से पकड़ा था। इस मामले में वे काफी दिन सस्पेंड रहे। उसके बाद उन्हें मुख्यालय स्थित इंजीनियरिंग विभाग कार्यालय में पदस्थ किया गया था। तबीयत खराब होने की वजह से चार-पांच महीनों से सिक पर चल रहे थे।

हार्ट, किडनी और शुगर की बीमारी थी

सीएल मीणा के पुत्र ज्ञानेंद्र ने बताया कि पिछले चार-पांच महीनों से वे काफी बीमार चल रहे थे। दो-तीन बार उन्हें अस्पताल में भी भर्ती करना पड़ा था। शुगर के साथ-साथ हार्ट प्राब्लम थी जिससे उनके सीने में हमेशा दर्द बना रहता था।

इसके अलावा किडनी का भी प्राब्लम हो गया था। सभी का इलाज चल रहा था। ऐसी कोई बात नहीं थी जिससे उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा। जहां पर रेलवे लाइन तक जाने का सवाल है तो यह उनके रूटीन में था वे हर दिन टहलने के लिए रेल पटरी पर ही जाते थे।

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