खरीफ फसल की सिंचाई:20 गांवों में बारिश कम, खेती के लिए खूंटाघाट से पानी छोड़ा

बिलासपुर3 महीने पहले
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खूंटाघाट बांध से खेतों में सिंचाई के लिए छोड़ा जा रहा है पानी। - Dainik Bhaskar
खूंटाघाट बांध से खेतों में सिंचाई के लिए छोड़ा जा रहा है पानी।
  • बांध की बांयी नहर से छोड़ा जा रहा पानी, जरुरत पर और देने की बात कह रहे अफसर

खूंटाघाट बांध से मस्तूरी क्षेत्र के 20 गांवों को खरीफ फसल की सिंचाई के लिए पानी देना शुरू कर दिया गया है। इन गांवों में बारिश कम हुई है। ग्रामीणों ने फसल की सिंचाई के लिए सिंचाई विभाग पानी की मांग की तो खारंग जलाशय के बांयी तट नहर में 3 अगस्त को पहली बार पानी छोड़ा गया। पहले 24 घंटे 200 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा लेकिन इतना पानी फसल के लिए पर्याप्त नहीं था। गुरुवार को इसे बढ़ाकर 500 क्यूसेक का दिया गया। अभी वर्तमान में 500 क्यूसेक पानी नहर से इन गांवों तक पहुंच रहा है।

बांध में पर्याप्त पानी, एक सप्ताह से ओवरफ्लो
बता दें कि इस वर्ष भी बांध में पर्याप्त पानी है। पिछले एक सप्ताह से खूंटाघाट ओवरफ्लो चल रहा है। 192.32 मिलियन घन मीटर क्षमता वाले बांध में वर्तमान में 199.34 मिलियन घन मीटर (103.65%) पानी है। पिछले वर्ष इसी तारीख को 202.91 मिलियन घन मीटर (105.50%) पानी था। 5 अगस्त 2019 को 54.17 मिलियन घन मीटर (28.16%) पानी भरा था।

इन गांवों को सिंचाई के लिए दे रहे पानी
मानिकचौरी वितरक नहर के कमांड के ग्राम हरदी, भटचौरा, गोबरी, कोकड़ी, बेलपान, खपरी, आमगांव, डोमगांव, सोन, सोनसरी, बसंतपुर, मुकुंदपुर, अमलडीह, उदयबंद, कुकुर्दीकला, कुकरीखुर्द और परसोड़ी, वेद परसदा सहित अन्य गांवों को सिंचाई के लिए पानी दे रहे हैं। कार्यपालन अभियंता आरपी शुक्ला का कहना है कि मांग आने के बाद इन गांवों में पानी दिया जा रहा है। मांग अगर बढ़ेगी तो भी कोई परेशानी नहीं है क्योंकि बांध में पर्याप्त पानी है। अगर रबी फसल के लिए मांग आएगी तो उसकी सिंचाई के लिए भी पानी दिया जाएगा।

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