संदीप हत्याकांड की पुलिस ने सुलझाई गुत्थी:वृद्धा को घर से निकाला, बहू पर बुरी नजर, इसलिए हत्या

बिलासपुर18 दिन पहले
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चकरभाठा क्षेत्र के ग्राम तेलसरा में  एक दिन पहले हुए अंधे कत्ल की  गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। - Dainik Bhaskar
चकरभाठा क्षेत्र के ग्राम तेलसरा में  एक दिन पहले हुए अंधे कत्ल की  गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।

चकरभाठा क्षेत्र के ग्राम तेलसरा में एक दिन पहले हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। वृद्धा को घर से निकालने व उसकी बहू पर बुरी नजर रखने पर बेटे ने भाई व भांजे के साथ मिलकर संदीप की हत्या की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ग्राम तेलसरा निवासी संदीप सिंह ठाकुर (38) की शुक्रवार की रात गांव में ही रक्तरंजित लाश मिली थी। पुलिस को जांच के दौरान जानकारी मिली कि गांव की ही 62 साल की बुजुर्ग महिला अमोला बाई यादव अपने बेटा राजा यादव व बहू के साथ उसके घर में रहती थी और घटना के बाद से राजा यादव (25) तेलसरा से फरार है।

उसका बड़ा भाई फेकू यादव (34) तेलसरा और भांजा सन्नी यादव (25) दयालबंद नारियल कोठी भी घर से गायब थे। शनिवार की रात को एसीसीयू की टीम ने प्रभारी टीआई हरविंदर सिंह, चकरभाटा टीआई मनोज नायक, हेड कांस्टेबल आतिश पारीक के नेतृत्व में तीनों को पकड़ा और उनसे पूछताछ की तो उन्होंने संदीप की हत्या करना कबूल लिया। उन्होंने बताया कि फरसा व लाठियों से उसपर हमला किया था।

घर से निकालने पर बनाई थी हत्या की योजना
अमोला बाई के घर पर बिजली-पानी की समस्या थी। वह संदीप के यहां घरेलू कामकाज करती थी। परेशानी हुई तो वहीं रहने लगी। कुछ दिन बाद उसका बेटा राजा यादव भी आ गया। राजा की शादी हुई। बताया जा रहा है कि संदीप ने ही राजा की शादी कराई थी। इसके बाद राजा अपनी पत्नी को भी लेकर वहीं रहने लगा था। संदीप तीनों का खर्चा उठाता था। कुछ दिनों बाद संदीप को पैसों की किल्लत होने लगी तो अमोला बाई व उसके बेटे को घर खाली करने को कह दिया। इसके कारण उनके बीच विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार संदीप पर आरोप है कि वह राजा की पत्नी पर भी बुरी नजर रखने लगा था। 15 सितंबर की रात भी उनके बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद संदीप अस्पताल चला गया। दूसरे दिन 16 सितंबर की दोपहर को घर आया तो राजा ने मकान खाली नहीं किया था।

ट्रेन में ही घूमते रहे
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों ट्रेन में सवार होकर रायपुर चले गए। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था। तीनों गाड़ी बदलकर बिलासपुर से रायपुर और रायपुर से बिलासपुर आते-जाते रहे। इस बीच तकनीकी आधार पर पुलिस को उनका लोकेशन मिला और बिलासपुर आते ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

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