सीयू की प्रवेश परीक्षा में भारी गड़बड़ी, सैकड़ों छात्र बोले...:आरक्षण लागू नहीं किया, बिना मान्यता के कोर्स भी शामिल, फिर से हो परीक्षा

बिलासपुर15 दिन पहले
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सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने छात्रों की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा ली। यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट भी जारी किया। इसमें छात्रों काे गड़बड़ियां मिली। यही नहीं यूनिवर्सिटी रिजल्ट के एक दिन बाद शाम को किसी तरह मेरिट लिस्ट जारी कर पाई। इसमें भी यूनिवर्सिटी ने कहा था कि ग्रुप वाइज मेरिट लिस्ट जारी होगी, पर अधिकांश विभागों की ग्रुप वाइज मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जा सकी।

यहां तक सीयू की मेरिट लिस्ट से आरक्षण तक गायब है। यूनिवर्सिटी ने मेरिट लिस्ट में 225 छात्रों को नकलची बताया दिया। 50 से ज्यादा छात्रों को जीरो नंबर मिला है। इसके अलावा सीयू में ही पढ़ाने वाले शिक्षक, जिनकी पेपर सेंटिंग में सहभागिता थी, वे परीक्षा दिए और टॉप किए हैं। अब इसको लेकर छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने आदिवासी छात्रों के साथ धोखा किया है। अपने लोगों को एडमिशन देने के लिए यूनिवर्सिटी मेरिट लिस्ट से आरक्षण गायब कर दिया है। छात्रों ने कहा कि पारदर्शिता की बात करने वाले कुलपति के कार्यकाल में सन् 2015-2020 तक की कुलपति का कार्यकाल वापस आने लगा है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करके अपना भविष्य चमकाने की कोशिश यूनिवर्सिटी के अधिकारी कर रहे हैं। छात्रों ने कहा कि तकनीकी का दिखावा करके छात्रों को अनावश्यक रूप से सीयू ने परेशान किया है। पूरे देश में ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित होती हैं, लेकिन इस तरह से परेशानियों का सामना छात्रों को नहीं करना पड़ता है।

लॉ व बीएड की मान्यता नहीं, ले ली परीक्षा
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पास बार कांउसिल से लॉ की मान्यता नहीं है। फिर भी बीकॉम एलएलबी में सीयू ने 241 छात्रों की प्रवेश के लिए परीक्षा ले ली है। वहीं बीएड एलडी व एचआई की मान्यता रिहेबीलेशन काउंसिल ऑफ इंडिया(आरसीआई) नहीं है। आवेदन हुआ है। फिर सीयू ने बीएड एचआई में 69 और बीएड एलडी में 142 छात्रों की परीक्षा ले ली है। इस संबध लॉ के डीन प्रो. पीके वाजपेयी ने कहा कि गुरुवार को ऑनलाइन निरीक्षण बार काउंसिल की टीम की है। वहीं शिक्षा विभाग के डीन डॉ. वीएस राठौर ने कहा कि इसके बारे में जानकारी डॉ. बझलवार दे पाएंगे। मैं इसकी जानकारी कल दे पाउंगा। वहीं डॉ. बझलवार फोन रिसिव नहीं किए।

ऑनलाइन परीक्षा कराने 20 लाख का टेंडर
सीयू ने ऑनलाइन परीक्षा कराने 20 लाख रुपए का टेंडर किया है। टेंडर में 4 आवेदन आए थे। 3 पास हुए। कोलकाता की कंपनी को टेंडर मिला है। जो कंपनी न ही छात्रों का मॉक टेस्ट करा पाई और ना ही सही से परीक्षा ले पाई।

वेबसाइट बनाने दो करोड़ का टेंडर
सीयू में कंप्यूटर साइंस, सीएसआईटी, इन्फार्मेशन टेक्नॉलॉजी विभाग है। यहां 50 कंप्यूटर के विद्वान प्राध्यापक हैं। पर ऑनलाइन परीक्षा तक नहीं ले पा रहे। वेबसाइट बनाने के लिए 2 करोड़ का टेंडर किया है।

स्टार्टअप कंपनी को सीयू ने दिया टेंडर
सीयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नीतेश साहू ने कहा कि सीयू ने आदिवासी छात्रों के साथ धोखा किया है। जबकि ये यूनिवर्सिटी उन्हीं के लिए खुली है। नए कुलपति बाहरी छात्रों को प्रवेश देने के लिए ऑनलाइन परीक्षा कराई, उसमें भी गड़बड़ी है। कमीशन लेकर एजेंसी को टेंडर दिया गया है। कंपनी एक स्टार्टअप की तरह है। ये छोटी परीक्षा भी नहीं ले पाई। छात्र परिषद के सचिन गुप्ता व दीपेश साहू ने कहा आंसर की जारी हाेना चाहिए।

पारदर्शिता नहीं, आसंर की जारी हो
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमन कुमार ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने जो ऑनलाइन परीक्षा ली है, उसमें बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं है। इससे साफ है कि प्रवेश में यूनिवर्सिटी गड़बड़ी करेगी। काउंसिलिंग के पहले सीयू आसंर की जारी करे। छात्र किस आरक्षण के तहत फार्म भरे हैं, उसे जारी करें।

चोर को चोर कहेंगे तो उसे बुरा तो लगेगा ही: ओएसडी परीक्षा
सीयू की मीडिया सेल प्रभारी ने रिजल्ट जारी होने के दिन कहा कि एक दिन बाद पूरी जानकारी दूंगी। पर गड़बड़ियों को देखते हुए दूसरे दिन फोन तक रिसीव नहीं की। स्टोर विभाग के ओएसडी अमितेश झा ने कहा कि 20 लाख का टेंडर एजेंसी का हुआ है। कंपनी का नाम कल देखकर बता पाउंगा, जबकि झा कंपनी के लोगों के साथ प्रतिदिन बैठ रहे हैं। ओएसडी एग्जाम मनीष गुप्ता ने कहा कि मेरिट सूची अभी नहीं जारी हुई है, रिजल्ट जारी हुआ है। मेरिट सूची में आरक्षण रहेगा। यूएफएम पौने 200 बच्चे ही हैं। चोर को चोर कहेंगे, तो उनका बुरा लगेगा ही। पूरी टीम ने वीडियो देखकर ही यूएफएम किया है।

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