हाईकोर्ट का आदेश:आरओबी की डेडलाइन आगे बढ़ी, महाराणा चौक पर जाम से राहत फरवरी 2022 के बाद; महाधिवक्ता ने न्यायमित्रों के साथ किया ओवरब्रिज का निरीक्षण

बिलासपुरएक महीने पहले
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महाधिवक्ता सतीश चंद्र ओवरब्रिज की वस्तु स्थिति देखते हुए। तिफरा ओवरब्रिज में चल रहा निर्माण कार्य। - Dainik Bhaskar
महाधिवक्ता सतीश चंद्र ओवरब्रिज की वस्तु स्थिति देखते हुए। तिफरा ओवरब्रिज में चल रहा निर्माण कार्य।

शहर और प्रदेश की बदहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई में तिफरा में निर्माणाधीन ओवरब्रिज का मुद्दा उठा था। इसके निर्माण में लग रहे समय के बारे में हाईकोर्ट को जानकारी होने पर कोर्ट ने कहा था कि अगली सुनवाई जो 14 दिसंबर को होनी है उसमें महाधिवक्ता कोर्ट को संबोधित करें।

बुधवार को महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने खुद पहल कर ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायमित्रों वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव, प्रतीक शर्मा, राघवेंद्र प्रधान, शासन के अधिवक्ता गगन तिवारी, नगरीय प्रशासन व विकास विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमकेश चंद्रवंशी के साथ जायजा लेकर निर्माण की प्रगति को जाना। बिलासपुर के हिमांक सलूजा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें बिलासपुर की खराब व बदहाल सड़कों को ठीक कराने की मांग की गई है। 23 नवंबर को हुई पिछली सुनवाई में बिलासपुर तिफरा ओवरब्रिज के निर्माण में देरी को लेकर बहस हुई।

बताया गया था कि निर्माण कार्य 4 साल से पूरा नहीं हो पाया है। कोर्ट ने मामले में महाधिवक्ता को सुनवाई के दौरान शासन का पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने कहा है। बुधवार को महाधिवक्ता वस्तु स्थिति देखने पहुंचे। उन्होंने मौके पर इंजीनियरों और विभाग के अधिकारियों से न्यायमित्रों की मौजूदगी में बात की। इंजीनियरों ने बताया कि कलेक्टर खुद इसकी प्रतिदिन की जानकारी ले रहे हैं। किसी भी चीज की कमी नहीं है, निर्धारित समय सीमा से पहले इस काम को पूरा कराएंगे। न्यायमित्र प्रतीक शर्मा ने बताया कि लोगों की तकलीफ पहले जैसी ही है, काम में प्रगति है। इससे हाईकोर्ट को अवगत कराएंगे। वहीं महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा से निरीक्षण के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

सीधी बात; ओमकेश चंद्रवंशी, अधीक्षण अभियंता
भूमि अधिग्रहण के कारण काम में देरी हुई

निरीक्षण के दौरान आप उपस्थित थे क्या मिला?
- हाईकोर्ट में 14 दिसंबर को सुनवाई होनी है। ओवरब्रिज के निर्माण में देरी का कारण महाधिवक्ता और न्यायमित्र देखने आए थे। सबको बताया है कि पूर्व में जो भी विलंब हुआ, लेकिन जब से हाईकोर्ट के संज्ञान में आया है तेजी से काम करने का प्रयास कर रहे हैं।
मार्च 2019 तक पूरा हो जाना था इतना लेट क्यों हुआ?
- कई कारण थे। कोविड में बंद होना, मजदूरों का चले जाना। भूमि अधिग्रहण दो चरणों में पूरा करने में तीन साल लगना। 22 करोड़ रुपए मुआवजा के लिए कई बार काम रूका। ओएचई लाइनों को शिफ्ट कराने में भी समय लगा।
इसका लोकार्पण कब तक हो जाएगा?
-फरवरी 2022 तक पूरा कर लेंगे।
लेट होने से कितनी लागत बढ़ जाएगी?
ठेकेदार की लागत तो फ्रीज है। इस योजना की लागत भूमि अधिग्रहण और ओएचई लाइन शिफ्ट करने से बढ़ी है।

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