16 जून से लगाया गया था उत्खनन पर प्रतिबंध:आज से खुल जाएंगी रेत खदानें अवैध रूप से तो चल ही रही थीं

बिलासपुर2 महीने पहले
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शुक्रवार से कागजों में रेत खदानें खुल रही है। 16 जून से लगा प्रतिबंध हट जाएगा। हालांकि बंद के दिनों में भी रेत खदान चल रही थी और अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा था। इस बात की जानकारी सभी अधिकारियों को थी लेकिन वे नाम मात्र की कार्रवाई करते रहे। हर साल की तरह इस साल भी मानसून आने के बाद 16 जून से रेत घाट बंद हो गए।

हालांकि नदी में पानी बाद में आया। नतीजा ये हुआ कि रेत का उत्खनन बंद ही नहीं हुआ। हद तो ये रही कि माफिया पोकलेन लगाकर लोखंडी, लोफंदी, मंगला, निरतू, घुटकू, लक्षनपुर सहित अरपा व उसकी सहायक नदियों से रेत की मनमानी खुदाई करते रहे। खनिज विभाग को बार-बार शिकायतें भी मिलती रही लेकिन सीमित अमले की बात कहते हुए अधिकारी कम स्थानों पर कार्यवाही करते रहे। ट्रैक्टर, ट्रक के साथ ही पोकलेन मशीनें भी खनिज विभाग की टीम ने जब्त की। 40 से 50 लाख रुपए में मिलने वाली पोकलेन मशीन तक को लोग नदी में उतार दिए जबकि नदी में पानी भी थोड़ा-थोड़ा आ गया था। इस तरह जून से लेकर अब तक रेत का अवैध उत्खनन होता रहा। नदी के किनारे रेत डंप कर मनमानी कीमत पर बेचने का खेल भी चलता रहा। वैसे रेत घाटों की नीलामी से लोगों को नुकसान हुआ। जनवरी 2021 की स्थिति में नीलाम होने के बाद जिले के 12 रेत घाटों से शासन को 1 करोड़ 37 लाख रुपए की ही आय हुई है।

5 घाट को छोड़कर बाकी की ठेका अवधि बढ़ेगी
जिले में 19 रेत घाटों को नीलाम किया गया था जिसमें से 13 रेत घाटों का ठेका इसी माह समाप्त हो रहा है। यानी दो साल की अवधि पूरी हो रही है। वहीं बाकी घाट की अवधि इसी साल दिसंबर में पूरी हो जाएगी। रेत घाटों का ठेका बढ़ेगा या नहीं, इसे लेकर 8 अक्टूबर को रायपुर में बैठक हुई। खनिज विभाग के उप संचालक दिनेश मिश्रा के मुताबिक रेत घाटों का ठेका बढ़ना लगभग तय है लेकिन जो घाट चालू नहीं थे।

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