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  • SECL's Notice To Environment Department, Asked What Measures Did You Take To Ensure That Arpa Does Not Get Contaminated Water, Reply Within 15 Days

खबर का असर:एसईसीएल को पर्यावरण विभाग का नोटिस, पूछा- अरपा में दूषित पानी न मिले इसके लिए आपने क्या उपाय किए, 15 दिन के भीतर दें जवाब

बिलासपुर10 दिन पहले
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लाखों लीटर गंदा व बदबूदार पानी और कचरा अरपा में रोज एसईसीएल से मिल रहा है। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने खबर प्रकाशित की तो छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने जाकर जांच की और एसटीपी नहीं मिलने पर एसईसीएल को नोटिस भेजा है। नोटिस में 15 दिनों के भीतर कार्यालय को इस बात से अवगत कराने कहा है कि अरपा में दूषित पानी न मिले इसके लिए एसईसीएल ने क्या उपाय किए। वहीं यह चेतावनी भी दी है कि कॉलोनी का दूषित जल अरपा नदी में समाहित होगा तो प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जा सकती है। 14 जुलाई को दैनिक भास्कर ने खबर प्रकाशित कर बताया कि एसईसीएल मुख्यालय की कॉलोनियों, कार्यालयों, स्कूल और हॉस्पिटल बिल्डिंग पर प्रतिदिन खर्च हो रहे लाखों लीटर पानी के गंदा होने के बाद उसे अरपा नदी में बहाया जा रहा है। पानी का ट्रीटमेंट प्लांट तो लगाया है लेकिन वह भी अनुपयोगी साबित हो रहा है। एसईसीएल का मुख्यालय सीपत रोड सरकंडा में स्थित है। मुख्य कार्यालय भवन के साथ-साथ इंदिरा विहार नूतन चौक, शताब्दी नगर सीपत रोड और वसंत विहार कॉलोनी सीपत रोड में स्थित है। इन कॉलोनियों में कुल 724 आवास, 10 से अधिक विभागीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, स्कूल बिल्डिंग एवं अस्पताल सहित अन्य तरह के भवन शामिल हैं। इन सभी में पानी का उपयोग होता है। सभी आवास व अन्य बिल्डिंगों पर खपत लगभग 10 लाख लीटर प्रतिदिन है। उपयोग के बाद यह पानी नाले-नालियों के जरिए सीधे अरपा नदी में बहाया जा रहा है। इसके साथ ही कॉलोनी के अंदर साफ-सफाई के बाद पेड़ों की पत्तियां और कचरा भी नालियों में ही बहा दिया जा रहा है। सारा कचरा नाले नालियों से होते हुए मुख्य नाले में आकर बाहर निकलता है। यह नाला सीधे अरपा नदी में जाकर मिलता है। इस संबंध में एसईसीएल के नगर प्रशासक आरके सिन्हा का कहना है कि बहुत ही कम पानी यहां यूज होता है और कुछ पानी ट्रीटमेंट कर उपयोग किया जा रहा है। बाकी पानी नाले-नालियों से बहकर चला जाता है इसमें कोई कचरा नहीं डाला जाता है। खबर प्रकाशित होने के बाद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी ने एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंधन निदेशक को नोटिस भेजा। जिसमें बताया कि 13 जुलाई को एसईसीएल के अवासीय कॉलोनी बसंत विहार से निकलने वाले दूषित जल के उपचार के लिए स्थापित किए गए एसटीपी का निरीक्षण आपके प्रतिनिधि सब ऑडिनेट इंजीनियर बिरेश शुक्ला की उपस्थिति में इस कार्यालय के अधिकारियों द्वारा किया गया। मौके पर एसटीपी संचालित होना नहीं पाया गया। उपस्थित प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि आवश्यकतानुसार एसटीपी का संचालन किया जाता है। निरीक्षण के समय एसटीपी के आउटलेट से कुछ मात्रा में दूषित जल निस्सारित हो रहा था जो कि आपत्तिजनक है। नोटिस में क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि एसटीपी का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। किसी भी परिस्थिति में कॉलोनी का दूषित जल अरपा नदी में समाहित न हो। अन्यथा जल प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1974 के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही की जा सकती है। इसी प्रकार यह भी सुनिश्चित करें कि इंदिरा विहार कॉलोनी से भी अनुपचारित जल किसी भी परिस्थिति में अरपा नदी में समाहित न हो। क्षेत्रीय अधिकारी ने लिखा है कि इस संबंध में की गई कार्यवाही से पत्र जारी दिनांक के 15 दिनों के भीतर इस कार्यालय को अवगत कराए। उन्होंने यह भी लिखा है कि इस पत्र को अति आवश्यक समझें और प्राथमिकता से कार्यवाही करें।

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