एसडीएम दफ्तर में आ रही दरख्वास्त / सर... सगाई करनी है...बर्थ-डे मनाना है.. चाट गुपचुप का ठेला लगाना है... गृह प्रवेश करना है.. अस्थि विसर्जित करनी है...कृपया अनुमति दें

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  • लाॅकडाउन की पाबंदियों के बीच एसडीएम दफ्तर में आ रहे ऐसे कई मामले, नियमों के अनुसार मिल रही अनुमति

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

बिलासपुर. आशीष दुबे | शहर के एसडीएम दफ्तर में ऐसे कई आवेदन आ रहे हैं, जिन गतिविधियों पर सरकार ने लॉकडाउन के बीच फिलहाल पाबंदी लगाकर रखी है। इस डर से की कहीं भी उस पैमाने पर भीड़ इकट्ठी नहीं हो। जिससे कोरोना के संक्रमण को बढ़ावा मिले। इसके बावजूद एसडीएम दफ्तर में पहुंचकर लोग इसकी मंजूरी मांग रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले बर्थडे सेलिब्रेट करने को लेकर आ रहा है। इसके बाद सगाई और फिर दूसरे मामले। ऐसे किसी भी मामले में अनुविभागीय अधिकारी ने किसी भी व्यक्ति को कोई परमिशन नहीं दी है। उनके मुताबिक सरकारी शर्ताें के अनुरूप ही वे लोगों को छूट दे रहे हैं। जो जरूरी है। 
ऐसा नहीं है कि लोग सिर्फ बर्थडे पार्टी मनाने और सगाई की परमिशन मांगने तक ही सीमित हैं। कुछ कारोबारी सड़क के किनारों पर चाट गुपचुप का ठेला लगाने के लिए एप्लीकेशन डाल रहे हैं। इस मामले में वे अपनी आर्थिक परेशानी भी बता रहे। उनका कहना है कि वे छोटे कारोबारी हैं। बड़े कारोबारियों को छूट मिली है। उन्हें भी मिलनी चाहिए। इससे उनकी आजीविका चल रही थी। घर परिवार का गुजर बसर होता है। पर उन्हें भी अभी ठेला लगाने की परमिशन नहीं मिली है। कुछ लोग ऐसे भी हैं, शादी से पहले सगाई करने की मांग कर रहे और इसमें भी पार्टी का आयोजन करने की मांग रख रहे हैं। पर मंजूरी सिर्फ शादियों की मिल रही है। एसडीएम दफ्तर से फिलहाल 174 शादियों को मंजूरी मिली है। वह भी सशर्त। उन्हें तमाम नियमों का पालन करने और किसी भी सूरत में भीड़ इकट्ठी नहीं करने की बात कही गई है। एसडीएम देवेंद्र पटेल का कहना है कि अनुमति सिर्फ उसकी मिलेगी जो सरकारी नियमों में है। 
गृह प्रवेश में हर नियमों का पालन करूंगा
शहर की एक निजी कॉलोनी में रहने वाले नटवर अग्रवाल ने गुजरे 4 मई को अपने नए घर में प्रवेश की अनुमति मांगी थी। उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। उन्होंने आवेदन में सामाजिक दूरियों के नियमों का पालन का हवाला भी दिया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा सिर्फ घर के सदस्य और पंडित मिलकर पूजा संपन्न कराएंगे। फिर भी उन्हें अनुमति नहीं दी गई। 
नियम में नहीं इसलिए आवेदन नहीं लिया
सरकंडा में रहने वाले विनय सोनवानी ने सड़क के किनारे गुपचुप ठेला लगाने की मांग की है। उन्होंने परिवार में आर्थिक परेशानी का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके पास फिलहाल यही रोजगार है। इसलिए वे चाहते हैं कि इस दौर में उन्हें इसकी मंजूरी मिले। नियमों में यह नहीं होने के कारण इन्हें एसडीएम दफ्तर से कोई परमिशन नहीं मिली। अधिकारियों ने आवेदन भी नहीं लिया। 
अस्थि विसर्जन करने के लिए मांगी मंजूरी
बिरकोना में रहने वाले एक परिवार ने घर में मुखिया की मौत के बाद उनकी अस्थि विसर्जन के लिए बाहर जाने की अनुमति मांगी। चूंकि यह नियम में नहीं है। इसलिए इन्हें परमिशन नहीं मिली। काफी दिनों से इनका आवेदन यूं ही पड़ा है। इसके अलावा ऐसे और भी आवेदन जिन पर सरकारी नियम लागू नहीं हो रहे। यही कारण है कि इन्हें रोककर रखा गया है।

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