खतरा बढ़ा / तखतपुर, मस्तूरी रेड जोन में, कोटा बिल्हा और बिलासपुर आरेंज जोन में

छठघाट सामुदायिक भवन में ठहरे मजदूर रात को इस तरह सो रहे थे। छठघाट सामुदायिक भवन में ठहरे मजदूर रात को इस तरह सो रहे थे।
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छठघाट सामुदायिक भवन में ठहरे मजदूर रात को इस तरह सो रहे थे।छठघाट सामुदायिक भवन में ठहरे मजदूर रात को इस तरह सो रहे थे।

  • कोटा के अमने में मिला नया मरीज
  • लाॅकडाउन में मिली छूट में हो सकती है कटौती।

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

बिलासपुर. कोरोना मरीज मिलने के बाद नए सिरे से सूची तैयार कर जोन का निर्धारण किया गया है। बिलासपुर ग्रीन जोन में था अब आरेंज जोन में रखा गया है। कोटा और बिल्हा तहसील को भी इसी जोन में शामिल किया गया है। अधिक पॉजिटिव मिलने से तखतपुर और मस्तूरी तहसील को रेड जोन में रखा गया है। हालांकि कंटेनमेंट जोन पहले ही प्रशासन ने बना दिया है। ग्रीन जोन में बिलासपुर शहर के लोगों को छूट मिली थी। बाजार दुकानों को खोलने की अनुमति मिल गई थी, अब ऑरेंज जोन में लेने के बाद लोगों को घरों से निकलने में कुछ छूट कम की जा सकती है। साथ ही दुकानों को श्रेणी के अनुसार खोलने के लिए नए सिरे से दिन और समय निर्धारित करने की संभावना भी है। हालांकि इस बारे में आदेश अभी जिला प्रशासन की ओर से जारी नहीं किया गया है। बीते कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक भी बिलासपुर शहर का नहीं है इसके बावजूद इसे ग्रीन जोन से हटाकर ऑरेंज जोन में रखा गया है। माना जा रहा है कि मस्तूरी और तखतपुर बिलासपुर के समीप हैं और यहां कोविड-19 अस्पताल भी है जहां कोरोना मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं बिलासपुर के मस्तूरी व तखतपुर के साथ ही पड़ोसी जिले मुंगेली का लोरमी व मुंगेली तहसील भी रेड जोन में आ गया है।
कोरोना संदिग्ध मजदूर की सिम्स में मौत
बिलासपुर में दिन पहले सिम्स में भर्ती कराए गए कोरोना संदिग्ध मजदूर की शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। सिम्स प्रबंधन ने इस बार भी संदिग्ध मौत को पूरी तरह से दबाकर रखने की कोशिश की। मजदूर 20 मई को ट्रेन से पुणे से यहां आया था। उसे मस्तूरी के क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया था, लेकिन उसी दिन श्रमिक की हालत बिगड़ गई तो उसे इलाज के लिए सिम्स भेज दिया गया। मजदूर को सर्दी, खांसी, बुखार तथा गले में इंफेक्शन की शिकायत थी। सिम्स पहुंचने के बाद वहां बनाए गए कोराेना स्पेशल वार्ड में उसे रखा गया था। श्रमिक का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। इसलिए उसके शव को पूरी तरह से पैक कर के मरच्युरी में रखवा दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा कि श्रमिक को कोरोना था या नहीं।
क्वारेंटाइन सेंटर से कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया
कोटा के अमने गांव में बनाए गए क्वाॅरेंटाइन सेंटर में सैंपल की जांच के बाद शुक्रवार को एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया। मरीज को शुक्रवार की शाम संभागीय कोविड-19 अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अस्पताल में अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आते ही अमने गांव को पूरी तरह से लॉक कर दिया है। यहां आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता रखा गया है। कोराेना पॉजिटिव पाया गया मरीज 19 मई को  चेन्नई से ट्रेन के जरिए बिलासपुर पहुंचा था और उसे 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था।

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