अब शिक्षक नहीं लगाएंगे यूनिवर्सिटी का चक्कर:शिक्षकों को 15 सितंबर तक एसएनपीयू की वेबसाइट में करना होगा ऑनलाइन पंजीयन

बिलासपुर3 महीने पहले
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काम करके अपने ही पैसे के लिए यूनिवर्सिटी के चक्कर हर साल शिक्षक लगाते हैं। अब शिक्षकों की समस्या को दूर करने के लिए शहीद नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी ने पहल की है। एसएनपीयू ने एक साफ्टवेयर तैयार किया है, जिससे शिक्षकों को उनके कार्य का ऑनलाइन पेमेंट हो जाएगा। प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी में एसएनपीयू का यह पहला प्रयास है। जिससे शिक्षकों को परेशानी नहीं होगी।

यूनिवर्सिटी के कार्यों में शिक्षकों की अहम भूमिका रहती है। यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ स्टडी, परीक्षा के लिए पेपर सेटिंग, कापियों का मूल्यांकन, प्रायोगिक परीक्षा लेना, यूनिवर्सिटी की कमेटियों में शामिल होकर शिक्षक ही कार्य करते हैं। इन सभी के लिए यूनिवर्सिटी शिक्षकों को निर्धारित शुल्क देती है। कार्य करने के बाद ये पैसा यूनिवर्सिटी अपने अनुसार देती है। कई बार शिक्षकों को एक साल बाद पैसा मिलता है। एसएनपीयू के उपकुलसचिव परीक्षा प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि इन सभी समस्या को देखते हुए एक साफ्टवेयर डेवलप किया गया है। इससे शिक्षकों को पेमेंट किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों का पंजीयन कराया जा रहा है। शिक्षकों को 15 सितंबर तक पंजीयन करना है। एसएनपीयू की वेबसाइट पर जाकर शिक्षक टीचर लाॅगिन में जाकर अपना नाम, संस्था का नाम, ज्वाइनिंग तारीख, विषय विशेषज्ञ, खाता संख्या सहित अन्य जानकारियां भरेंगे। इसके बाद उनकी आईडी तैयार हो जाएगी। अब ऐसे में शिक्षक अगर पेपर सेट करते हैं या फिर मूल्यांकन करते हैं तो उसका बिल व अन्य दस्तावेज उसमें अपलोड करेंगे। अपलोड दस्तावेज को यूनिवर्सिटी वेरिफाई करेगी और उनका पैसा उनके खाते में ट्रांसफर कर देगी। इससे प्रक्रिया में शिक्षकों को कोई परेशानी नहीं होगी।

संबद्धता शुल्क भी ऑनलाइन
एसएनपीयू के उपकुलसचिव परीक्षा त्रिपाठी ने बताया कि संबद्ध सभी कॉलेजों का संबद्धता शुल्क भी ऑनलाइन लिया गया है। इससे कॉलेजों को भी यूनिवर्सिटी का चक्कर नहीं लगाना पड़ा है। सभी कॉलेज ऑनलाइन संबद्धता शुल्क पटा दिए हैं। जबकि एयू में इसी कार्य के लिए महीनों तक कॉलेज के चेयरमैन व प्राचार्य चक्कर लगाते थे।

एयू में अभी भी चक्कर लगा रहे शिक्षक
एयू ने शिक्षकों से पेपर सेट कराए। कापियों का मूल्यांकन भी करा लिया। बावजूद उन्हें साल भर से पेमेंट नहीं किया। इसके लिए शिक्षक एयू का चक्कर लगा रहे हैं। साइंस कॉलेज के शिक्षक ने ग्रिवांश सेल में शिकायत की थी। जांच कमेटी बनी। कमेटी को एयू के अधिकारियों ने बताया कि सभी का पैसा भेजा रहा है।

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