पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कोरोना का असर:दशहरे पर एक दिन खुलने वाले 150 साल पुराने मंदिर के पट भी इस बार बंद रहेंगे

बिलासपुर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
तस्वीर पिछले साल की है। इस बार ऐसा नजारा देखने को नहीं  मिलेगा। - Dainik Bhaskar
तस्वीर पिछले साल की है। इस बार ऐसा नजारा देखने को नहीं मिलेगा।
  • परिवार के लोगों ने कहा - शासन के नियमों का नहीं कर पाएंगे पालन, इसलिए नहीं खोल रहे, दशहरे के दिन ही खुलने वाले मंदिर पर लगा कोरोना का ग्रहण

बिलासपुर में 150 वर्ष पुराना एक ऐसा मंदिर भी है, जो केवल दशहरा के दिन ही खुलता है। वो भी मात्र 3 घंटे के लिए। पूजा-अर्चना के बाद फिर मंदिर एक साल के लिए बंद हो जाता है। हटरी चौक स्थिति मंदिर श्रीरामसीता हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर में भगवान राम, सीता और हनुमान जी की प्रतिमा है। इनके दर्शन के लिए पूरे साल भक्तों को इंतजार रहता है। मुंबई, दिल्ली, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश से भक्त आते हैं। दशहरे के दिन मंदिर खुलने के दो से तीन घंटे पहले ही कम से कम एक किमी से ज्यादा लंबी लाइन लग जाती है। इस बार भक्त मंदिर खुलने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन कोरोना का ग्रहण इस मंदिर पर भी लग गया है। मंदिर संचालक के परिवार की अमिता पाण्डेय ने बताया कि संक्रमण के चलते इस बार मंदिर नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है। क्योंकि शासन ने जो गाइड लाइन फालो करने कहा है, वह नहीं हो पाएगा। मंदिर खुलने का मात्र 3 घंटे समय रहता है, इतने समय में सैकड़ों भक्त हर साल दर्शन करते हैं। अब ऐसे में इतने कम समय में भक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं गर्भ गृह में रहूंगी, बाहर में कोई नियमाें का पालन कराने वाला नहीं रहेगा। इन सभी चीजाें को देखते हुए परिवार ने फैसला किया है कि साल में एक बार दशहरे के दिन खुलने वाला मंदिर इस बार भक्तों के लिए नहीं खुलेगा।

मंदिर खुलने की जानकारी के लिए अन्य राज्यों से आ रहा फोन
सुश्री पाण्डेय ने बताया कि दशहरे पर मंदिर खुलेगा कि नहीं इसके लिए मुंबई, दिल्ली, सतना, उत्तरप्रदेश सहित अन्य जगहों से फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर मंदिर खुलता तो यहां अपने के लिए टिकट बुक कराएंगे। अब ऐसे में उन्हें बता दिया गया है कि मंदिर नहीं खोला जाएगा।

आखिर दशहरे के दिन ही क्यों खुलता है मंदिर, जानें
सुश्री पाण्डेय के मुताबिक उनके पूर्वज फैजाबाद के रहने वाले थे। उनके पूर्वजों ने 150 साल पहले मंदिर की स्थापना की थी। क्विंदति के अनुसार एक नीम का पेड़ था, जो सुखकर अपने आप ही गिर गया। पेड़ के गिरते ही उसकी जड़ों से श्रीराम, माता जानकी और भाई लक्ष्मण की प्रतिमा निकली थी। जहां विधि-विधान से मंदिर की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि मंदिर खुलने और प्रभु की प्रतिमाओं को स्पर्श करने से कई अप्रिय घटनाएं हुईं। इसी वजह से इसे बंद रखा जाता है। दशहरे के दिन भगवान खुश रहते हैं, इसके कारण सभी की गलतियों को माफ करते हैं। इसलिए साल में एक बार दशहरे के दिन शाम 6 से 9 बजे तक मंदिर का पट खुलता है। विधि-विधान से पूजा-अर्चना होती है। भक्त मन्नत मांग कर नारियल बांधते हैं। और पूरी होने पर आकर फोड़ते हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- जिस काम के लिए आप पिछले कुछ समय से प्रयासरत थे, उस कार्य के लिए कोई उचित संपर्क मिल जाएगा। बातचीत के माध्यम से आप कई मसलों का हल व समाधान खोज लेंगे। किसी जरूरतमंद मित्र की सहायता करने से आपको...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser