फर्जीवाड़ा पकड़ाया:एकाउंटेंट ने 34 हजार निकालने किए फर्जी हस्ताक्षर, बैंक मैनेजर ने पकड़ा

बिलासपुर16 दिन पहले
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स्वास्थ्य विभाग के एकाउंटेंट ने फर्जी सिग्नेचर कर 34  हजार रुपए की रकम  निकालने की कोशिश। - Dainik Bhaskar
स्वास्थ्य विभाग के एकाउंटेंट ने फर्जी सिग्नेचर कर 34  हजार रुपए की रकम  निकालने की कोशिश।

स्वास्थ्य विभाग के एकाउंटेंट ने फर्जी सिग्नेचर कर 34 हजार रुपए की रकम निकालने की कोशिश की लेकिन बैंक मैनेजर की सक्रियता के कारण फर्जीवाड़ा नहीं हो पाया। मैनेजर ने सिग्नेचर मिस मैच होने पर विकासखंड चिकित्सा अधिकारी को फोन कर जानकारी ली तो चेक फर्जी निकला।

जिसके बाद बीएमओ ने मैनेजर से कहा कि हम इस मामले पर कार्रवाई करेंगे। आप कैश न दें। फिर बैंक मैनजर ने कैश नहीं दिया। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग मामले को दबाने में जुट गया है। 5 दिन बीत जाने के बाद न तो एफआईआर हुई और न ही स्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया।

दो मिनट बैठने कहा और पकड़ ली गड़बड़ी

तखतपुर ब्लॉक के एकाउंटेंट अंशुमन 28 दिसंबर को एक चेक लेकर तखतपुर के स्टेट बैंक की शाखा में पहंुचा। चेक पर बीएमओ डॉ. हंसराज और बीपीएम केसर सिंह के सिग्नेचर थे। लेकिन बैंक के मैनेजर ने इस 34 हजार के चेक को देख तो उन्हें शक हुआ कि चेक में सिग्नेचर गलत हैं।

एकाउंटेंट को दो मिनट बैठाकर मैनेजर ने सीधे बीएमओ डॉ. सुनील हंसराज को फोन कर मामले की जानकारी दी। बीएमओ ने कहा कि चेक तो फर्जी है, हमने कोई सिग्नेचर किया ही नहीं है। इसके बाद बीएमओ ने इस मामले की शिकायत सीएमएचओ से करने की बात कही लेकिन सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन ने शिकायत मिलने से इंकार कर दिया है। अब फर्जी चेक से पैसा गमन करने के इस मामले को दबाने में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगे हुए है।

अभी कर्मचारी से प्रभार वापस ले लिया है इसमें विभागीय जांच चल रही है: बीएमओ
बीएमओ डॉ. सुनील हंसराज का कहना है कि चेक में फर्जी सिग्नेचर वाला मामला आया था। मेरी तरफ से संबंधित थाना, बैंक और उच्च कार्यालय में सूचना दे दी गई है। संबंधित कर्मचारी से प्रभार वापस लेकर दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। विभागीय जांच उपरांत एफआईआर दर्ज कराकर कार्यवाही की जाएगी।

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