आवास के नाम पर धोखाधड़ी:सायरन लगी गाड़ी में आए आरोपी और 9 लोगों से ठग लिए 10 लाख, सौरभ और संगीता का दिया चेक हो गया बाउंस

बिलासपुर5 महीने पहले
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आरोपी सौरभ दुबे। - Dainik Bhaskar
आरोपी सौरभ दुबे।

सरकंडा में आवास के नाम पर एक और ठगी का खुलासा हुआ है। लालबत्ती लगी गाड़ी में आकर महिला और पुरुष ने 9 लोगों से 10 लाख से अधिक ठग लिए। शिकायत पर पुलिस ने उनके खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है। खमतराई शर्मा विहार निवासी विजय लता सोनी पति लक्ष्मीनारायण सोनी की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। विजय लता के अनुसार उनका परिचय सेवादल के कार्यक्रम के दौरान इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी सौरभ दुबे से हुआ। उसने अपना परिचय छत्तीसगढ़ शासन के बड़े मंत्रियों व अधिकारियों से होना बताकर प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकान दिलाने का झांसा दिया।

बदले में उसने अधिकारियों को देने व सरकारी शुल्क के रूप में रकम जमा करने के लिए कहा। दोनों ने बैंक से लोन दिलाने का भी भरोसा दिलाया। सौरभ और संगीता के साथ लालबत्ती और सायरन लगी गाड़ी में आए और विजय लता के अलावा मीना मानिकपुरी, गणेशिया यादव, अजय सोनी, मनीष सोनी, नेहा यादव, निखत बेगम, अनिता सोनी, शांति मिश्रा, रीना अवस्थी से 75 हजार रुपए जमा कराए। इसी तरह मुर्गी फार्म के लिए 18 हजार रुपए लिए।

अजय से एक लाख 30 हजार, मनीष व अनिता से मकान के नाम पर 5 लाख 20 हजार रुपए, मीना से 46 हजार, गणेश से 50 हजार, शांति से 55 हजार, रीना से 50 हजार, नेहा यादव से 50 हजार, निखत बेगम से 50 हजार रुपए सहित 10 लाख 39 हजार रुपए तथा बिजली बिल कनेक्शन दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति से 5-5 हजार रुपए के हिसाब से 55 हजार रुपए अतिरिक्त राशि भी ली।

रकम लेने के बाद छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के कनेक्शन आबंटन के दस्तावेज व नगर निगम बिलासपुर कार्यालय से आवास आवंटन के आदेश की कॉपी भी दी गई। एक साल बीत जाने के बाद भी मकान नहीं मिला तो सभी ने पैसा वापस करने की मांग की तो सौरभ व संगीता ने मनीष कुमार सोनी को 90 हजार, विजय लता सोनी को 3 लाख, अजय सोनी को 90 हजार, मीना मानिकपुरी को 35 हजार का चेक दिया।

यह बैंक में जाकर बाउंस हो गया। पीड़िता के अनुसार दोनों आरोपी अभी भी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी व उगाही कर रहे हैं। पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने व अंजाम भुगतने की धमकी देते हैं। पीड़िता की रिपोर्ट पर दोनों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज कर लिया है।

आवास घोटाले के पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं
इससे पहले भी सरकंडा में आवास के नाम पर ठगी का खुलासा हुआ था। ऐसे ही एक केश में पैसा वापस नहीं कर पाने की स्थिति में एक युवक ने खुदकुशी कर ली थी। सिविल लाइन थाने में भी इसी तरह का आवास घोटाला फूटा था। मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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