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बाल सुधार गृह में 35 बच्चे, फिर भी अव्यवस्था:बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने किया निरीक्षण; बच्चों से कहा-ऐसा काम दोबारा न करें

बिलासपुरएक महीने पहले
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बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष पहुंची बाल सुधार गृह - Dainik Bhaskar
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष पहुंची बाल सुधार गृह

बिलासपुर के बाल सुधार गृह में 35 अपचारी बालक रह रहे हैं। फिर भी उनकी सही तरीके से देखभाल नहीं हो पा रही है। सोमवार को बाल सुधार गृह पहुंची बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर नेताम ने यह सवाल अफसरों से किया। उन्होंने बाल सुधार गृह से दो लड़कों के भागने पर अफसरों को प्रतिवेदन भी मांगा है।

छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर नेताम सोमवार को नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करने पहुंची। इस दौरान उन्होंने बाल सुधार गृह और महिला बाल विकास विभाग के अफसरों से चर्चा की और बाल सुधार गृह में रहने वाले बच्चों की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि यहां 35 बच्चे रह रहे हैं। नेताम ने बच्चों से भी उनका हाल चाल जाना और बाल सुधार गृह में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने सेवा भारती मातृ छाया का भी किया निरीक्षण
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने सेवा भारती मातृ छाया का भी किया निरीक्षण

आयोग की अध्यक्ष बोलीं- दोबारा यहां न आना पड़े
आयोग की अध्यक्ष नेताम ने बच्चों से चर्चा करते हुए उन्हें समझाइश दी और कहा कि उत्तेजना में अपराध हो जाता है। ऐसे आपराधिक घटनाओं को भूल जाइए और गलत काम नहीं करने का संकल्प लेकर यहां जाएं। ताकि, दोबारा उन्हें फिर नहीं आना पड़े।

जिम्मेदारी तय कर करें कार्रवाई
आयोग की अध्यक्ष नेताम ने सप्ताह भर पहले दो बच्चों के दीवार फांदकर भागने की भी जानकारी ली। उन्होंने इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी, तब अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि इसके लिए जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने प्रतिवेदन भेजने के निर्देश भी दिए।

मातृछाया का किया निरीक्षण, नवजात बच्चों के उपचार के लिए मांगी सुविधाएं
इस दौरान उन्होंने कुदुण्ड में संचालित सेवा भारती मातृ छाया का निरीक्षण भी किया। उन्होंने इन संस्थाओं में रह रहे बच्चों एवं कर्मचारियों से मुलाकात कर यहां दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि महिला एवं बाल विकास विभाग से अनुदान प्राप्त मातृ छाया संस्था में 6 वर्ष तक के निराश्रित बच्चों की देख-भाल की जाती है। फिलहाल संस्था में 23 बच्चे हैं। नेताम एवं सदस्यों ने व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों के प्रति संतोष प्रकट किया।

इस दौरान नवजात बच्चों के इलाज में होने वाली दिक्कतों की जानकारी देते हुए सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। तब उन्होंने इस संबंध में शासन को प्रतिवेदन भेजने की बात कही। निरीक्षण के दौरान आयोग की सदस्य पूजा सतनाम सिंह खनूजा, पुष्पा पाटले, आशा संतोष यादव, सोनल कुमार गुप्ता, आगस्टिन बनार्ड के साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी सूर्यकान्त गुप्ता, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी नेहा राठिया सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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