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  • The Committees Said The Tradition Of 98 Years Of The City Will Continue, The Court Of The Mother Will Be Decorated, The Bhog Will Also Be Distributed In A Hygienic Way, The Fruit Will Not Be Cut

भास्कर सरोकार:समितियों ने कहा- शहर की 98 साल की परंपरा रहेगी बरकार, मां का दरबार सजेगा, भोग भी हाइजेनिक तरीके से बांटेंगे, फल काटा नहीं जाएगा

बिलासपुर15 दिन पहले
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आई तुलजा भवानी मंदिर कुदुदंड। - Dainik Bhaskar
आई तुलजा भवानी मंदिर कुदुदंड।
  • 2019 में बांटा था 1500 क्विंटल से ज्यादा का प्रसाद, 300 से ज्यादा स्थापित होगीं मां की प्रतिमाए

नवरात्रि पर्व 7 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इस बार 8 दिन की नवरात्रि है। समितियों द्वारा पर्व की तैयारी की जा रही है। समितियों ने कहा कि कोलकाता के बाद बिलासपुर में ही बड़े स्तर पर नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। 98 साल से चली आ रही इस परंपरा को टूटने नहीं देंगे।

संक्रमण के कारण एक साल परंपरा में व्यवधान आया था, लेकिन अब स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, होटल, शराब दुकान, कोचिंग संस्थान सब शुरू हो गए हैं। सभी जगह लोगों का आना-जाना शुरू है। अब ऐसे में इस बार मां का पर्व भी धूमधाम से मनेगा। विभिन्न रूपों में मां की प्रतिमा स्थापित की जाएंगी। बाहर के फूलों से पंडाल सजेंगे। पंचमी से लेकर दशहरा तक चना, फल, खिचड़ी, खीर, पूड़ी का भोग बंटेगा। शासन की गाइड लाइन का भी पालन करेंगे। प्रसाद हाइजेनिक तरीके से बांटेंगे। फल को काटा नहीं जाएगा। प्रसाद के पार्सल की भी व्यवस्था रहेगी। पैकेट में पैक करके बांटेंगे। जो लोग माता को प्रसाद चढ़ाना चाहते हैं, उन्हें मौका दिया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूरे शहर में पंचमी से लेकर दशहरा तक 1500 क्विंटल से ज्यादा का प्रसाद 2019 में बंटा था।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा- प्रसाद बांटने की तैयार हो गई है
बंगाली दुर्गोत्सव समिति बुधवारी बाजार का यह 98वां साल है। महासचिव लाल्टू घोष ने बताया कि हमारे यहां भोग का महत्व है। हर साल 7 से 8 क्विंटल का प्रसाद बंटता है। इस साल भी तैयारी किए हैं। भले ही पैकेट में देंगे, लेकिन प्रसाद बंटेगा। नव दुर्गोत्सव समिति गोलबाजार का 59 वां वर्ष है। कार्यकारी अध्यक्ष अंकित साहू ने बताया कि श्रृंगार के रूप में मां की प्रतिमा स्थापित होगी। हर दिन 1 क्विंटल चने का प्रसाद वितरित करेंगे। बंधु मंडल दुर्गोत्सव समिति गोंड़पारा का 51वां वर्ष है। समिति के गोलू श्रीवास्तव ने बताया कि 5 दिनों तक लगातार पूड़ी-सब्जी, पुलाव, चटनी, खीर आदि का भोग बांटा जाएगा। मध्य नगरी दुर्गोत्सव समिति के सदस्य आशीष सोंथलिया ने बताया कि मां के 9 रूपों की स्थापना होगी, प्रसाद बांटेंगे। सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति जूना बिलासपुर का 45वां वर्ष है। सदस्य अमन ठाकुर ने बताया कि 6 क्विंटल का प्रसाद बाटा जाएगा। आदर्श दुर्गोत्सव समिति 43वां वर्ष के कोषाध्यक्ष मनीष भाई शाह, टिकरापारा दुर्गोत्सव समिति 22 वां वर्ष के सदस्य संतोष दुबे, सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति हेमूनगर 49वां वर्ष के संजीव पाल ने बताया कि पैकेट में वितरित करेंगे।

कुछ पंडालों में दिखेंगी झांकियां
शहर के मध्य नगरीय चौक, मसानगंज, गोंडपारा, गोलबाजार में लोग झांकियां देखने जाते रहे हैं। शासन की गाइड लाइन से समितियां असमंजस में हैं। वहीं बिलासपुर की प्रसिद्ध झांकी मध्य नगरी चौक ने इस बार इसका प्रदर्शन नहीं करने का निर्णय लिया है। वहीं कुछ समितियां झांकी बना रहीं हैं। रावत नाच की झांकी दिखेगी।

मां का आशीर्वाद भोग के रूप में मिलता है: अमित
बंगाली विधि से पूजा कराने वाले पं. अमित चक्रवर्ती ने बताया कि मां की पूजा-अर्चना के साथ भोग का सबसे अधिक महत्व होता है। यह भोग भक्तों के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि मां का आर्शीर्वाद इस रूप में भक्तों को मिलता है। मां के प्रसाद का असर भक्त के मन, दिमाग, दिल, स्वास्थ्य पर होता है।

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