केंद्रीय लोक निर्माण ने पकड़ी गड़बड़ी:200 कराेड़ में तैयार हो रहे मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रवेश द्वार ढलान में

बिलासपुर2 महीने पहले
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कोनी में 200 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर लगभग तैयार हो गया है। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्या पर अभी तक किसी की नजर नहीं गई है। बिलासपुर-रतनपुर रोड पर एक ऐसी ढलान इस अस्पताल के प्रवेश द्वार के लिए बाधा बन गई है, जिसमें कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

अस्पताल शुरू होने के बाद प्रवेश द्वार पर आने जाने के दौरान अस्पताल प्रबंधन, मरीज और अन्य लोगों को परेशानी होगी। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जब यहां का दौरा किया तब उन्होंने यह बात पकड़ ली। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की अधीक्षण अभियंता शील रजनीश ने इस मसले पर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को पत्राचार किया है। उन्होंने बताया है उपरोक्त परिसर में बिलासपुर शहर की ओर से प्रवेश करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग में दिए गए डिवाइडर के कटाव की सड़क से होकर दांयीं ओर आना होता है। और रतनपुर से बिलासपुर की ओर जाने वाली सड़क में अत्यधिक ढाल है। उस तरफ से आने वाले वाहन की गति ज्यादा होती है। एक्सीडेंट की संभावना बनी होती है।

एनएचएआई अधिकारियों की लापरवाही से दुर्घटनाएं
कोनी के पास चल रहे अस्पताल निर्माण ही नहीं बल्कि कई जगहों पर नेशनल हाइवे की गलती का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बिलासपुर-रतनपुर रोड पर जगह-जगह एक्सीडेंटल पाइंट हैं। फोरलेन सड़क निर्माण में सेंदरी, गतौरी, भरारी, रतनपुर, बेलतरा सहित अन्य जगहों पर खामियां हैं। फिर भी अफसरों की अनदेखी जा रही है।

साल भर लेट प्रोजेक्ट सुविधाएं नहीं मिल रहीं
44.58 एकड़ में बन रहे अस्पताल में राज्य कैंसर संस्थान, ट्रामा सेंटर, बर्न सेंटर, नवीन सिम्स छात्रावास, डॉक्टरों और स्टाफ के लिए आवास सहित अन्य सुविधाएं आकार ले रही है। दिसंबर 2018 से बन रहे अस्पताल में 70 प्रतिशत काम पूरा होना बताया जा रहा। अस्पताल को फरवरी 2020 तक पूरा करना था लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट उस तरह से पूरा नहीं हो पाया है, जितना हो जाना था। अस्पताल के तैयार होने की तारीख अगस्त 2021 थी। यह अधूरा है।

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