पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Bilaspur
  • The High Court Expressed Displeasure Over The Time Taken By The Counsel Of The Central Government, Now The Hearing Will Be Held On August 12

झीरम घाटी हत्याकांड:केंद्र सरकार के वकील ने लिया समय हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, अब 12 अगस्त को होगी सुनवाई

बिलासपुर4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताई - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताई
  • चर्चित मामला- कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक की रिपोर्ट में हत्याकांड को राजनीतिक षड़यंत्र का हिस्सा बताया था

झीरम घाटी हत्याकांड में दरभा थाने में दर्ज आपराधिक प्रकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार के वकील ने बहस के लिए एक बार फिर से समय ले लिया। हस्तक्षेप याचिकाकर्ता की तरफ से आपत्ति की गई। हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताई। अब मामले की सुनवाई 12 अगस्त को होगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हाईकोर्ट में राज्य शासन द्वारा झीरम घाटी कांड में दरभा थाने में दर्ज आपराधिक प्रकरण के खिलाफ अपील की है।

दरअसल, इस प्रकरण में एनआईए की जांच पूरी होने के बावजूद झीरम कांड में दिवंगत कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक उदय मुदलियार के पुत्र जितेंद्र मुदलियार ने जून 2020 में दरभा थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 302 और 120 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। रिपोर्ट में बताया है कि यह जघन्य हत्याकांड राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा है। लेकिन, एनआईए ने इस घटना में राजनीतिक षड्यंत्र की जांच नहीं की है।

दरभा थाने में दर्ज रिपोर्ट को चुनौती देते हुए एनआईए ने अपनी विशेष अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ एनआईए ने हाईकोर्ट में आपराधिक अपील प्रस्तुत की गई है। इसमें कहा गया है कि एनआईए केंद्रीय स्तर की जांच एजेंसी है, जिसकी जांच हो चुकी है। ऐसे में राज्य शासन को अधिकार नहीं है कि फिर से उसी प्रकरण में अपराध दर्ज कराए। इस मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण की जांच पर रोक लगाई है।

इधर इस मामले में मुदलियार ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। इसमें बताया है कि झीरम हमला सामान्य नक्सली घटना नहीं है। बल्कि इसे राजनीतिक षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनिंद्र श्रीवास्तव व जस्टिस विमला कपूर की बेंच में चल रही है। मंगलवार को प्रकरण की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से असिस्टेंट सालिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने यह कहते हुए समय मांगा कि अतिरिक्त सालिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में किसी दूसरे प्रकरण में व्यस्त हैं।

इस पर हस्तक्षेप याचिकाकर्ता के वकील सुदीप श्रीवास्तव व संदीप दुबे ने आपत्ति में कहा कि प्रकरण लंबे से चल रहा है। हाईकोर्ट से एनआईए के पक्ष में स्थगन है। ऐसे में अंतिम सुनवाई जरूरी है। कोर्ट ने भी केंद्र के जवाब के लिए समय मांगने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने मामले को 12 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है।

खबरें और भी हैं...