कोर्ट कचहरी:हाईकोर्ट ने कहा- सीलिंग एक्ट में जमीन जाने पर कब्जाधारी को पाने का अधिकार

बिलासपुर6 महीने पहले
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हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ कृषि जोत उच्चतम सीमा अधिनियम (सीलिंग एक्ट) 1960 के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अधिनियम के तहत अगर भूमि जाती है, तो कब्जाधारी जमींदार को भी जमीन पाने का अधिकार है। उनके अधिकार का परीक्षण करना जरूरी है।

साथ ही यह देखना भी जरूरी है कि जो जमीन इस अधिनियम के तहत जा रही है वह उस तारीख में मालगुजार के कब्जे में है या नहीं। मालखरौदा के रहने वाले लाल भूपल बहादुर सिंह, लाल भूपेंद्र बहादुर सिंह, राजकुमारी, विजयेंद्र सिंह, बाबू बहादुर सिंह, दुर्गेश नंदनी, अमित विक्रम कुमार सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, शांति कुमारी देवी की मालगुजारी की जमीन मालखरौदा में थी। ये जमीन छत्तीसगढ़ कृषि जोत उच्चतम सीमा अधिनियम 1960 (सीलिंग एक्ट) के अंतर्गत आ गई थी। इस जमीन को शासन ने अपने कब्जे में ले लिया।

सीलिंग में आई जमीन पर पहले से जांजगीर चांपा जिला के ग्राम मालखरौदा के रहने वाले राजेंद्र कुमार, सुशीला बाई, उत्तम, फिरतन बाई, ललित कुमार, जमुना प्रसाद सहित अन्य काबिज थे। उन्होंने हाईकोर्ट में अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव के माध्यम से याचिका दायर की। इसमें बताया कि उनको जमीन मालगुजार ने दान में दिया है या फिर वे पहले ही खरीद लिए हैं और कब्जे में हैं।

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