हाईकोर्ट में जनहित याचिका:न्यायमित्रों ने देखी अरपा उद्गम की बदहाली बोले- सड़क बनने से सूख रहा दलदल

बिलासपुर25 दिन पहले
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देखिए अरपा के उद्गम पर बना डाली सड़क। देखने पहुंचे न्यायमित्र। - Dainik Bhaskar
देखिए अरपा के उद्गम पर बना डाली सड़क। देखने पहुंचे न्यायमित्र।
  • याचिकाकर्ता ने कहा- अधिकारी बैठक में भी नहीं बुला रहे, नष्ट हो रहा उद्गम

अरपा उद्गम को देखने याचिकाकर्ता के साथ हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायमित्र अमरपुर पहुंचे। वहां बदहाली को देखकर दुखी हुए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने दलदल के बीच से सड़क बनाकर दलदल को दो भागों में बांट दिया। इसके कारण अब वह क्षेत्र सूखने लगा है। शनिवार को सात अधिवक्ताओं का दल ललाती, धनगंवा, नेवरी में नदी को देखने के साथ ही फुलवारी नाला के नदी में मिलने वाली जगह को भी देखा।

हाईकोर्ट के अधिवक्ता अरविंद कुमार शुक्ला और पेंड्रा के रहने वाले राम निवास तिवारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें जीवनदायिनी अरपा के उद्गम से संगम तक जीर्णोद्धार कर बहाव को अविरल करने की मांग की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर बिलासपुर कलेक्टर और गौरेला पेंड्रा मरवाही के कलेक्टर की संयुक्त अध्यक्षता वाली एक समिति बनाई गई है। जिसे अरपा का जीर्णोद्धार कैसे होगा इस पर बैठक कर नदी के पुनर्जीवन के लिए कार्य योजना बनानी है। इसी कार्य योजना के हिसाब से उसको पूरा भी करवाना है।

अक्टूबर में होने वाली सुनवाई जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव के तबादले के कारण आगे बढ़ गई। याचिकाकर्ताओं की लगातार मांग पर हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए न्यायमित्र अधिवक्ता वायसी शर्मा, यूएनएस देव, आशुतोष कछवाहा, याचिकाकर्ता अरविंद शुक्ला उनके अधिवक्ता श्रवण चंदेल और दो अन्य अधिवक्ता अजय पांडेय व सतीश गुप्ता अरपा नदी के उद्गम को देखने पहुंचे। जहां सभी ने उद्गम स्थल को देखा। यहां सरकार द्वारा सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद भी उद्गम को सहेजने में न्यायमित्रों को प्रशासनिक रूचि नहीं दिखी। जहां तीन साल पहले दलदल था, मछली पाई जाती थी वह जगह नष्ट हो चुका है। जिस जगह को रिजर्व किए जाने की आवश्यकता है, वहां पर कोई पहल नहीं की गई है। व्यक्तिगत खाते की जमीनों का अधिग्रहण करने के बजाय प्रशासनिक उपेक्षा के कारण समस्या पहले से ज्यादा विकराल हो चुकी है। प्रकृतिक स्वरूप नष्ट हो रहा है।

हाईकोर्ट के 2019 के आदेश का अब तक नहीं हुआ पालन
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की युगलपीठ ने 2019 में बिलासपुर कलेक्टर और जीपीएम कलेक्टर की संयुक्त अध्यक्षता वाली समिति बनाई थी। जिसे अरपा का जीर्णोद्धार कैसे होगा इस पर बैठक कर नदी के पुनर्जीवन के लिए कार्य योजना बनानी है। आदेश का अब तक समिति ने पालन नहीं किया है। संबंधित बैठकें होने के बाद भी अब तक रिवाइवल प्लान प्रस्तुत नहीं हो सका है।

नदी में नाले नालियों का पानी न मिले प्रस्तुत करना है डीपीआर
हाईकोर्ट में याचिका पर पिछली सुनवाई 6 अगस्त को हुई थी। हाईकोर्ट में निगम के जवाब पर काम का डीपीआर सहित विस्तार पूर्वक जानकारी शपथ-पत्र में प्रस्तुत होनी है। हालांकि नगर निगम ने जो जवाब दिया था, उसके मुताबिक अरपा के दोनों तरफ नाला बनाया जा रहा है। जिससे शहर के सभी नाले नालियों के पानी को चिल्हाटी और दोमुहानी लेकर जाएंगे। जहां गंदे पानी का उपचार कर नदी में छोड़ेंगे।

हर नदी का उद्गम नाले जैसा ही होता है
याचिकाकर्ता अरविंद शुक्ला ने बताया कि प्रशासन अमरपुर के अरपा उद्गम को नाला मान कर ध्यान नहीं दे रहा। जबकि हर नदी का उद्गम नाले जैसा ही होता है। बाद में उससे रिसाव और फिर नदी का स्वरूप दिखता है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी न तो हमें बैठक में बुला रहे न ही जानकारों से उस जगह को दिखाकर नष्ट होने से बचा रहे हैं।

बहाव में बाधा बनने के कारणों को देखेंगे
न्यायमित्र और याचिकाकर्ता 15 नवंबर तक एक बार फिर यात्रा को पूरा करेंगे। वे उद्गम से लेकर विभिन्न जगहों पर नदी के स्वरूप और उसके बहाव में बाधा बनने के कारणों को देखेंगे। इसके बाद वे अपनी रिपोर्ट और सुझाव हाईकोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।

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