स्टेशन पर जांच में ज्यादा है काेरोना:संदेश ये कि जरूरी होने पर ही यात्रा करें, जिले में जांच में 0.25% पॉजिटिव, स्टेशन पर 2% से ज्यादा

बिलासपुरएक महीने पहले
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लॉकडाउन समाप्त होने के बाद जैसे ही ट्रेनें शुरू हुई स्टेशन में कोरोना की जांच भी शुरू हो गई। 173 दिन में 77 हजार 508 रेल यात्रियों की जांच की गई जिसमें 1781 यात्री पॉजिटिव पाए गए। इनमें से 1747 को होम आइसोलेट किया गया जबकि 25 यात्रियों को सांस लेने में तकलीफ की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कोविड-19 का संक्रमण फैलते ही 22 मार्च 2020 से रेलवे स्टेशन में लॉकडाउन हो गया था। जैसे ही ट्रेनें शुरू हुईं प्रशासन ट्रेन से बाहरी राज्यों व जिले से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम इसी वर्ष 1 अप्रैल से बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के गेट नंबर चार पर जांच काउंटर बनाया गया। 1 अप्रैल से 20 सितंबर तक बिलासपुर रेलवे स्टेशन में 2 लाख 41 हजार 622 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।

इनमें से 1 लाख 50 हजार 881 यात्री शासन के निर्देशानुसार 72 घंटे की आरपीसीआर जांच रिपोर्ट लेकर पहुंचे थे। शेष 77 हजार 508 यात्रियों के एंटी जन टेस्ट किए गए इसमें से 1781 यात्रियों को कोरोना पॉजिटिव आया। रिपोर्ट आने के बाद 25 यात्रियों को जिन्हें सफर के दौरान और यहां उतरने के समय सांस लेने में तकलीफ हो रही थी उन्हें स्टेशन से ही एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा 1747 पॉजिटिव मरीजों को होम आईसोलेट किया गया। इनकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग ने की। जितने यात्रियों की जांच की गई थी उनमें से कुछ की आरटीपीसीआर जांच भी कराई गई।

आरटीपीसीआर जांच टीम स्टेशन में
अब तक जिन यात्रियों पर संदेह होता था उन यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच के लिए सिम्स या संबंधित स्थान पर भेजा जाता था। लेकिन सीएमएचओ ऑफिस के सामने का सेंटर बंद होने के बाद वहां की आरटीपीसीआर जांच करने वाली टीम को मशीन के साथ बिलासपुर रेलवे स्टेशन भेज दिया गया है। यह जांच केंद्र महिला प्रतीक्षालय में बनाया गया है। वहां पर सैंपल एकत्र किया जा रहा है।

कुछ स्टेट के यात्रियों पर खासी नजर
साउथ के साथ-साथ राजस्थान, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की ओर से आ रहे यात्रियों पर खासी नजर है। गेट से बाहर निकलने से पहले ही यात्रियों की पूरी पूछताछ होती है जो यात्री इन राज्यों से आ रहे हैं उनकी जांच की जा रही है जिनके पास आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट होती है उन्हें ही बिना जांच के बाहर जाने दिया जा रहा है।

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