कोरोना का असर:शहर में होने वाली 220 शादियां स्थगित बुक कराने वाले अब वापस मांग रहे रुपए

बिलासपुर8 महीने पहले
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शादी में लगने वाली श्रृंगार सामग्री की दुकानें तो सजी हैं पर ग्राहक नहीं आ रहे। इससे व्यापारी चिंतित हैं कि उनका क्या होगा? - Dainik Bhaskar
शादी में लगने वाली श्रृंगार सामग्री की दुकानें तो सजी हैं पर ग्राहक नहीं आ रहे। इससे व्यापारी चिंतित हैं कि उनका क्या होगा?
  • कैटरिंग, बैंड बाजा, बग्घी, लाइट वालों ने एडवांस मिले पैसे खर्च किए
  • अबूझ मुहूर्त के साथ वैवाहिक कार्यक्रम 21 अप्रैल से शुरू हो रहा है, अधिक मुहूर्त मई में

जिनके घरों में विवाह होना है, उन परिवारों में उमंग और उत्साह होता है। इनके अलावा शादी घर, बैंड-बाजा, लाइटिंग-डेकोरेशन, डीजे-साउंड सिस्टम, फूल-माला, कैटरिंग, टेंट, बग्घी का व्यवसाय करने वाले लोग भी खुश रहते हैं। साथ ही इन व्यवसायों में सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलता है। 21 अप्रैल से शादियों का मुहूर्त शुरू हो रहा है। अप्रैल में 6 और मई में 15 दिन शादियों का मुहूर्त है।

ऐसे में एक बार फिर संक्रमण बढ़ने लगा है। लॉकडाउन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस स्थित को देखते हुए लोग शादीघर सहित अन्य बुकिंग को कैंसिल कराने लगे हैं। टेंट, लाइट, साऊंड, केटरिंग, जनरेटर और फ्लावर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह दुआ ने बताया कि शहर में लगभग 25 से 30 शादी घर हैं। इन सभी में अप्रैल और मई में 220 शादियों की बुकिंग हुई थी। अप्रैल की बुकिंग सभी लोगों ने कैंसिल करा दी हैं। वहीं मई की भी अधिकांश बुकिंग कैंसिल है। जो नहीं कराए हैं, वे भी पूछताछ शुरू कर दिए हैं।

आरआर रिसोर्ट व ओम पैलेस के संचालक जगदीश ग्रोवर ने बताया कि सभी लोग अपना एडवांस वापस ले रहे हैं। छाबड़ा पैलेस के जशपाल छाबड़ा ने बताया कि सभी व्यवसायियों की हालत बहुत खराब है। गोविंद पैलेस व गोविंद मंगलम के राज कोहिली ने कहा कि लॉकडाउन का लोग इंतजार कर रहे हैं। अधिकांश लोग बुकिंग कैंसिल करा दिए हैं। वहीं जो जून-जुलाई में मुहूर्त है, इस संक्रमण के कारण उसकी बुकिंग भी नहीं हो रही है। ज्ञानम पैलेस के कमलकांत तिवारी ने कहा कि संक्रमण के कारण हालत बहुत ही खराब होती जा रही है। लोगों का एडवांस वापस करने में परेशानी हो रही है।

जहां से फूल मंगाते हैं, वहां दे चुके हैं एडवांस
फूल-माला डेकोरेशन करने वाले बिट्टू माली ने कहा कि 7 बुकिंग हुई थी। बुकिंग में जो पैसा मिला था, उस पैसे को हम जहां से फूल मंगाते हैं, वहां दे दिए हैं। भारत बैंड के नासीर ने बताया कि अप्रैल में 12 और मई में 15 बुकिंग हुई थी। इसे लोग कैंसिल करा रहे हैं। मास्टर कैटरर्स के योगेश साहू ने कहा कि अप्रैल की 15 बुकिंग थी। सब कैंसिल हो गई। मई की 20 बुकिंग में से अभी दो कैंसिल हुई है। अब इसमें काम करने वाले लोग ज्यादा प्रभावित हैं।

एडवांस पैसे और घोड़े खरीदने पर खर्च हो गए
शादियों को कैंसिल होने से घोड़ा-बग्घी रखने वाले लोग परेशान हैं। राजेंद्र नगर चौक निवासी संदीप सोनवानी ने बताया कि उनका घोड़ा-बग्घी का पुस्तैनी काम है। हर साल शादियों की बुकिंग होती है। इस बार भी 15 से 20 बुकिंग हुई थी और भी लोग बुकिंग के लिए आ रहे थे। लोगों की पूछताछ के हिसाब से जो पैसा एडवांस में मिला था, उन पैसों से वे और घोड़े खरीद कर लाए। अब उनके पास 15 घोड़े-बग्घी हैं। एक महीने पहले घोड़ों को लाए हैं, उन्हें रोज चारा खिला रहे हैं। सोनवानी ने बताया कि एक घोड़ी पर प्रतिदिन 1 हजार रुपए खर्च होता है। अब ऐसे में जो पैसे बचे थे, उन्हें चारा खिलाने में खत्म हो गया है। शहर में लगभग 60 घोड़ी, बग्घी हैं। इन सभी लोगों का कहना है कि पिछले साल से हालात खराब चल रहे हैं। पिछले लॉकडाउन में घोड़ों को खिलाने के लिए कर्ज लेना पड़ा था। इस बार वही स्थिति आ गई है।

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