परसा कोल ब्लॉक स्थगन पर HC में फैसला सुरक्षित:हाईकोर्ट में राज्य शासन ने कहा- केंद्र का है प्रोजेक्ट, पर्यावरण विभाग से अनुमति लेकर की गई है पेड़ों की कटाई

बिलासपुर7 महीने पहले
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पेड़ों की कटाई रोकने हाईकोर्ट से अपील। - Dainik Bhaskar
पेड़ों की कटाई रोकने हाईकोर्ट से अपील।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में परसा कोल ब्लॉक आबंटन और इसके नाम पर पेड़ों की कटाई को लेकर गुरुवार को बहस पूरी हो गई है। इस दौरान राज्य शासन ने जवाब में कहा कि कोल ब्लॉक आबंटन का निर्णय केंद्र सरकार का है। जंगल में पेड़ों की कटाई के लिए पर्यावरण विभाग ने ही अनुमति दी है। इधर, केंद्र सरकार ने अपनी नीतियों को सही ठहराया है और कहा है कि कोयला उत्पादन के लिए सरकार ने विधिवत अनुमति दी है। सभी पक्षो की बहस पूरी होने के बाद चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी और जस्टिस आरसीएस सामंत ने आदेश के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है।

हसदेव अरण्य को बचाने की मांग देश भर में उठने लगी है। बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर आंदोलनकारियों ने SAVE हसदेव के नारे लगाए और जंगल को बचाने की मांग की। इधर, परसा कोल ब्लॉक आबंटन के नाम पर पेड़ों की कटाई को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। मंगल साय, ठाकुर राम, मोतीराम, आनंद राम, पानिक राम एवं अन्य की ओर से प्रस्तुत याचिका दायर में बुधवार को बहस चली। इस दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने बताया कि परसा कोल ब्लाक के खदान से वे प्रभावित हैं। यहां राजस्थान विद्युत मंडल के लिए कोल ब्लॉक में खनन का कार्य निजी कंपनियां करेंगी। इस कारण कोल इंडिया जैसी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकती।

स्टे आर्डर पर बहस पूरी, हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित
बुधवार को याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि निजी कंपनी के लिए कोयला खनन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही राज्य शासन भी जमीन का अधिग्रहण कर पेड़ों की कटाई नहीं करा सकती। पेड़ों की कटाई के स्थगन आदेश पर गुरुवार को बहस पूरी हो गई है। याचिकाकर्ताओं की आपत्ति पर राज्य शासन ने कहा कि कोल ब्लॉक आबंटन का फैसला केंद्र सरकार है। इसमें राज्य शासन का ज्यादा रोल नहीं है। पेड़ों की कटाई पर्यावरण विभाग के अनुमति से कराई जा रही है। केंद्र सरकार के वकील रमाकांत मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार की नीतियों के तहत फैसला लिया गया है। उन्होंने याचिकाकर्ताओं की तरफ से उठाई गई आपत्ति को गलत बताया है।