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कोरोना इफेक्ट:शिशु मंदिर के प्राचार्य ने कलेक्टर को भेजा 74 हजार का बिल लिखा-मजदूरों ने 29 दिन में 36 हजार की बिजली जलाई

बिलासपुर10 महीने पहले
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  • कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर को प्रशासन के निर्देश पर दो बार बनाया क्वारेंटाइन सेंटर

आशीष दुबे | सरस्वती शिशु मंदिर कोनी के प्राचार्य ने कलेक्टर को 74 हजार रुपए का बिल भेजा है। यह बिल स्कूल में ठहरे उन मजदूरों का है, जिन्होंने यहां रहने के दौरान स्कूल प्रबंधन को नुकसान पहुंचाया है। मजदूरों ने 29 दिनों में 6000 यूनिट लाइट जलाई है। जिसका 36 हजार रुपए बिजली का बिल आया है। इसके अलावा उन्होंने स्कूल प्रबंधन को 34 हजार रुपए का नुकसान भी पहुंचाया है। जिसके लिए प्रबंधन की ओर से भुगतान के संबंध में कलेक्टर से मार्गदर्शन मांगा गया है। अभी प्रशासन की ओर से मामले में कोई जवाब नहीं पहुंचा है। प्रबंधन के मुताबिक पहली बार में यहां सेंदरी क्षेत्र के 36 मजदूर ठहरे थे। फिर दूसरी बार में मस्तूरी क्षेत्र के 160 मजदूरों को ठहराया गया। प्रबंधन की चिट्ठी के मुताबिक सेंदरी के मजदूरों द्वारा विद्यालय की साफ सफाई पर उचित ध्यान दिया गया। जबकि मस्तूरी क्षेत्र के श्रमवीरों ने स्कूल में भौतिक सामानों को अत्यधिक तौर पर क्षति पहुंचाई। स्कूल में लगभग 350 छात्र पढ़ाई करते हैं। जो आने वाले दिनों में यहां पढ़ने आएंगे। प्रबंधन को इनसे मिलने वाला शुल्क भी अल्प है। इससे शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन संभव हो पाता है। अभी यह शुल्क भी जमा नहीं हुआ है। प्राचार्य के मुताबिक इस राष्ट्रीय विपदा की घड़ी में उनकी समिति एवं विद्यालय परिवार कलेक्टर के निर्देश का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया है। किंतु श्रमवीरों द्वारा स्कूल में तोड़फोड़ किया जाना उनकी समझ से परे है। उन्होंने विद्युत की खपत इतनी ज्यादा की है कि वे एक मिनट के लिए भी पंखा बंद नहीं करते थे। टॉयलेट में कपड़ा और दूसरा सामान डाल दिया है, जिससे पाइप जाम हो गया है। मजदूरों के जाने के 13 दिन बाद भी स्कूल को प्रशासन द्वारा सेनेटाइज नहीं करवाया गया है। इससे आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। प्रबंधन ने कलेक्टर से इस संबंध में उचित मार्गदर्शन मांगा है, ताकि आने वाले दिनों में सरकारी नियमों के हिसाब से स्कूल संचालित हो सके। उन्होंने नुकसान की जानकारी भेजी है। 
कितने का नुकसान
प्राचार्य के मुताबिक स्कूल में एल्युमीनियम सेक्शन स्लाइडर खिड़की 4 नग कीमत 4500 रुपए बताई गई है। लकड़ी दरवाजा एक नग 7 हजार, विद्युत खपत 29 दिन में 6000 यूनिट के हिसाब से 36 हजार, बाथरूम पाइप व स्वच्छता नल का 5000 व परिसर में कनात अहाता के 29 दिन में 8400 रुपए के हिसाब से बिल भेजा है। 

मोटर पंप भी बिगड़ा
सरस्वती शिशु मंदिर में मोटरपंप भी खराब हो गया है। इसके लिए प्रबंधन ने अलग से बिलिंग की है। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रशासनिक अफसरों ने मजूदरों की देखरेख में अनदेखी बरती है। उन्हें एक वक्त ही भोजन मिलता था। उनके छोटे बच्चों को स्कूल प्रबंधन भूख मिटाने के लिए बिस्किट का पैकेट बंटवाता था। 

हमने पत्राचार किया है, काफी नुकसान हो गया है
"हमने कलेक्टर को चिट्ठी लिखी है। वहां मजदूरों द्वारा किए गए नुकसान की जानकारी भी दी है। और भुगतान के संबंध में उचित मार्गदर्शन मांगा गया है। अभी वहां से कोई जवाब नहीं मिला है।"
-प्रफुल्ल शर्मा, अध्यक्ष, सरस्वती आवासीय विद्यालय कोनी

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