अच्छी बारिश व पानी रिचार्ज से तखतपुर में सुधरी स्थिति:तखतपुर ड्राइजोन से बाहर, बिल्हा के बाद काठा कोनी में गिर रहा है जलस्तर

बिलासपुर24 दिन पहले
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देश के सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल जिले के दो ब्लॉक बिल्हा और तखतपुर में से तखतपुर ड्राइजोन से बाहर आने की स्थिति में है। बिल्हा के बाद कभी पानी की किल्लत के लिए तखतपुर ब्लॉक भी संवेदनशील था लेकिन पिछले दो साल में हुई अच्छी बारिश और जल स्तर रिचार्ज होने से पिछले दो सालों में यहां पानी की कमीं नहीं हुई बल्कि काठाकोनी में जल स्तर नीचे जा रहा है।

पिछले दो सालों से जिले में अच्छी बारिश हो रही है इसके बावजूद बिल्हा ब्लॉक अभी पूरी तरह इससे उबरा नहीं है। बिल्हा ब्लॉक में आंशिक सुधार हुआ है लेकिन अभी भी जिले के आंकड़ों में बिल्हा ब्लॉक जल स्तर नीचे गिरने में पहले नंबर पर है। इस साल जिले में 23 अक्टूबर की 2021 की स्थिति में बिलासपुर में 1090.8 मिलीमीटर, बिल्हा में 980 मिलीमीटर, मस्तूरी में 1012.9 मिलीमीटर, तखतपुर में 1411.9 मिलीमीटर और कोटा में 1180.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश तखतपुर ब्लॉक में हुई है। वहीं सबसे कम बारिश बिल्हा ब्लॉक में हुई है। इन दोनों ब्लॉकों में बिल्हा में गर्मी की धान की फसल का रकबा भी एकाएक घटा है।

वर्ष 2019 में जहां 1115.20 हेक्टेयर में धान बोया गया था वहीं वर्ष 2020 में सिर्फ 95.21 हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई लेकिन कम बारिश और जल स्तर रिचार्ज के पर्याप्त काम नहीं होने से वहां स्थिति में अब तक आंशिक सुधार हुआ है। गर्मी की धान की फसल के लिए जल स्तर के पानी का सबसे ज्यादा उपयोग होता है। इसी तरह तखतपुर में पिछले दो वर्षों में अच्छी बारिश के साथ पीएम आवास जैसे कामों में भी जल संरक्षण के काम कराए गए। इसलिए यहां बिल्हा की तुलना में तेजी से स्थिति सुधरी है।

बिल्हा में आंशिक
सेमी क्रिटिकल जोन का निर्धारण केंद्रीय जल आयोग दिल्ली से होता है। पिछले दो सालों में तखतपुर में अच्छी बारिश व जल स्तर सही तरह से रिचार्ज होने से वह अब ड्राइजोन से बाहर आने की स्थिति में है। बिल्हा में भी आंशिक सुधार हुआ है।
-एसके पराते, वरिष्ठ वैज्ञानिक, भूजल विभाग

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