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कोयला चोरी...सिस्टम से चलता खेल:जांच शुरू होने से पहले एक्शन, TI और चौकी प्रभारी लाइन अटैच; SECL ने झाड़ा पल्ला

बिलासपुर2 महीने पहले
कोयला खदान में चोरी का VIDEO वायरल होने के बाद अलर्ट हुआ अमला - Dainik Bhaskar
कोयला खदान में चोरी का VIDEO वायरल होने के बाद अलर्ट हुआ अमला

कोरबा में कोयला चोरी होने के वायरल VIDEO ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। यही वजह है कि जांच शुरू होने से पहले ही अब SECL से लेकर CISF और SP भी हरकत में आ गए हैं। SECL अफसरों के निर्देश पर CISF ने खदान एरिया में सर्चिंग और गश्त बढ़ा दी है। दूसरी ओर SP ने दीपका थाना प्रभारी और हरदीबाजार के चौकी प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया है। जांच से पहले कार्रवाई कर अफसर आप को पाक-साफ जताने का प्रयास कर रहे हैं।

एशिया के सबसे बड़ी कोल माइंस कोरबा स्थित गेवरा खदान में कोयला चोरी का वायरल VIDEO को पूर्व IAS और भाजपा नेता ओपी चौधरी ने ट्वीट कर सियासी खलबली मचा दी है। इधर, VIDEO सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वायरल VIDEO पर IG रतनलाल डांगी ने जांच के आदेश दिए हैं। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की जांच शुरू होनी है। उससे पहले ही SP भोजराम पटेल ने दीपका थाना प्रभारी अविनाश सिंह और हरदीबाजार चौकी प्रभारी अभय सिंह को लाइन अटैच कर दिया है। आदेश में कोयला चोरी का जिक्र नहीं है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से लाइन अटैच करने का उल्लेख किया गया है। इसे कोयला चोरी का साइड एफेक्ट माना जा रहा है।

पढ़ें...एशिया की सबसे बड़ी खदान से कोयला चोरी का VIDEO

IG की जांच शुरू होने के पहले ही कोरबा SP ने दो थानेदारों को लाइन अटैच कर दिया है
IG की जांच शुरू होने के पहले ही कोरबा SP ने दो थानेदारों को लाइन अटैच कर दिया है

बिलासपुर के कोल डिपो में खपाते हैं चोरी का कोयला
कोयले के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि खदान के ग्रामीणों तक पहुंचने और माफियाओं के भारी वाहनों में कोयला लोड कर चोरी कर खपाने का अवैध कारोबार काफी पहले से चल रहा है। माफिया दावा करते हैं CISF और स्थानीय पुलिस से उनकी तगड़ी सेटिंग रहती है। यहां से कोयला निकालने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होती। ट्रक और ट्रेलर में बिना दस्तावेज के कोयला ठिकाने तक पहुंचाने के लिए संबंधित थानेदार और पुलिस अफसरों से भी सेटिंग रहती है। यही वजह है कि बिना किसी दस्तावेज के कोयला बेखौफ बिलासपुर सहित आसपास के कोल डिपो तक पहुंच जाता है।

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कोरबा जिले के दीपका व हरदीबाजार के खदान एरिया में CISF ने भी पेट्रोलिंग बढ़ा दी है
कोरबा जिले के दीपका व हरदीबाजार के खदान एरिया में CISF ने भी पेट्रोलिंग बढ़ा दी है

SECL के अफसर भी नहीं दर्ज कराते FIR
कोल माफियाओं से सेटिंग के चलते ही SECL के अफसर न तो कभी कोई छापेमारी करते और न ही कोयला चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। बताया जा रहा है कि रोज खदानों से एक मालगाड़ी के बराबर यानी की चार हजार टन कोयला सिर्फ चोरी में चला जाता है। इसके बाद भी SECL प्रबंधन की तरफ से कभी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।

बंदूक की नोंक पर चलता है अवैध कारोबार
पुलिस के साथ ही CISF का इतना बड़ा अमला है। इसके बाद भी हजारों की संख्या में ग्रामीण मजदूरों बेखौफ होकर खदान से कोयला निकाल रहे हैं। खदान एरिया में कोयले के साथ ही डीजल चोर माफिया सक्रिय रहते हैं। ड्यूटी में तैनात CISF जवानों से या तो सेटिंग हो जाती है। या फिर बंदूक की नोंक पर धमका कर इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जाता है। खदान में कोयला और डीजल माफियाओं के CISF जवानों पर हमला और फायरिंग की कई घटनाएं हो चुकी है। माफियाओं की पुलिस से मिलीभगत होने के कारण ही सख्ती से कार्रवाई नहीं की जाती।

अफसर बोले- पुलिस की जिम्मेदारी

SECL (बिलासपुर मुख्यालय) के जनसंपर्क अधिकारी सनिश चंद्र ने कहा कि खनन क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर CISF के जवान तैनात रहते हैं। खनन क्षेत्र में बिना अनुमति कोई भी नहीं जा सकता। CISF के जवान कोयले की सुरक्षा को लेकर काम करते हैं। जब भी कोयला चोरी की घटना सामने आती है, तब इसकी सूचना पुलिस को दी जाती है। इसके अलावा कुछ जगहों पर SECL कोयला खनन पूरा हो गया है, ऐसी जगहों से ग्रामीण कोयला निकालते हैं, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है।

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