फिर 6 ट्रेनें कैंसिल, गर्मी में यात्री बेहाल:खड़गपुर स्टेशन में तीसरी लाइन में काम के चलते लिया फैसला;यात्रियों के बढ़ी मुश्किलें

बिलासपुरएक महीने पहले
छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली यात्री गाड़ियों को किया गया कैंसिल।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से बिलासपुर से गुजरने वाली हावड़ा-मुंबई रूट की छह ट्रेनें आज से कैंसिल हैं। इसके चलते भीषण गर्मी में यात्रियों को रेलवे स्टेशन में भटकना पड़ रहा है। इससे पहले ही कोयला लदान में तेजी लाने रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली तकरीबन 36 ट्रेनों को पहले ही 25 मई तक रद्द रखा है। ऐसे में सफर करने वाले यात्रियों को बार-बार टिकट कैंसिल कराने और रिजर्वेशन कराने की परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ट्रेनों का इंतजार करते रेलवे स्टेशन में भटकने को मजबूर हैं यात्री
ट्रेनों का इंतजार करते रेलवे स्टेशन में भटकने को मजबूर हैं यात्री

खड़गपुर रेलवे स्टेशन में विस्तार का काम चल रहा है। यहां दोहरी लाइन को अब तीसरी लाइन से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसके चलते रेलवे स्टेशन में ब्लॉक लेकर काम कराया जाएगा। लिहाजा, 20 से 22 मई तक ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक लिया गया है। इस वजह से पोरबंदर-सांतरागाछी एक्सप्रेस, अहमदाबाद-हावड़ा, हावड़ा-अहमदाबाद, सांतरागाछी-पोरबंदर, उदयपुर-शालीमार, शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस को कैंसिल किया गया है।

ट्रेनें विलंब होने से भी भटकते रहे यात्री
ब्लॉक की वजह से कुछ गाड़ियों के परिचालन में भी विलंब हो रहा है। इसके चलते यात्रियों को रेलवे स्टेशन में चिलचिलाती धूप में ट्रेनों के इंतजार में भटकना पड़ रहा है। सिरडी से चलने वाली सांईनगर शिरडी-हावडा एक्सप्रेस चार घंटे देरी से रवाना हुई। इसके चलते इस गाड़ी के पांच घंटे विलंब से पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वहीं पुणे से चलने वाली पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस भी पांच घंटे देरी से चल रही है। खड़गपुर में ब्लॉक के चलते 22 मई को हावड़ा से चलने वाली 12810 हावड़ा-मुंबई मेल दो घंटे देरी से रवाना होगी।

रेलवे ने विकास कार्य के नाम पर रद्द कर दी है गाड़ियां
रेलवे ने विकास कार्य के नाम पर रद्द कर दी है गाड़ियां

माल लदान के नाम से कैंसिल है 36 ट्रेनें
देश में बिजली की खपत बढ़ने और कोयले की कमी को देखते हुए रेलवे ने अगले एक महीने बिलासपुर जोन और छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 30 से अधिक यात्री गाड़ियों को पहले से ही रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कोयले से लदी मालगाड़ियों की संख्या भी बढ़ा दी है। बिजली की मांग बढ़ने से कोयले की खपत भी बढ़ गई है। ऐसे में रेलवे पर कोयला परिवहन करने का दबाव बढ़ गया है। इसका खामियाजा भीषण गर्मी में यात्रियों को ट्रेनें रद्द होने के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

यात्रियों की सुविधाओं के लिए नहीं की गई है वैकल्पिक व्यवस्था
यात्रियों की सुविधाओं के लिए नहीं की गई है वैकल्पिक व्यवस्था

मई के आखिरी सप्ताह में शुरू होंगी बंद ट्रेनें
बताया जा रहा है कि रेलवे ने कोयला परिवहन के नाम से जिन गाड़ियों को रद्द किया है, उन्हें 25 मई के बाद बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, रेलवे अफसर इस संबंध में अधिकारिक रूप से जानकारी नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रेनों का परिचालन 24 व 25 मई तक रद्द किया गया है। ट्रेनों को बंद और चालू करने का निर्णय रेलवे बोर्ड लेता है। लिहाजा, उन्हें रेलवे बोर्ड के आदेश का इंतजार है।

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