यहां अन्नदाताओं को बांटा जा रहा है भोजन:धान खरीदी केंद्र में इंतजार कर रहे किसानों के लिए लंच की व्यवस्था, कोटा के युवा चला रहे हैं अभियान

बिलासपुर5 महीने पहले
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परेशान किसानों की युवाओं ने सुध लेकर उनके लिए पंडाल लगाकर भोजन का इंतजाम किया है। - Dainik Bhaskar
परेशान किसानों की युवाओं ने सुध लेकर उनके लिए पंडाल लगाकर भोजन का इंतजाम किया है।

प्रदेश में धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्थाओं व किसानों की समस्या आम बात हो गई है। लेकिन, बिलासपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों में परेशान किसानों के लिए मुफ्त में भोजन की व्यवस्था करने का अनोखा मामला सामने आया है। यहां खरीदी केंद्रों के पास बकायदा पंडाल लगाकर अन्नदाता किसानों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पंडाल में भोजन के लिए टोकन की व्यवस्था है। जिसमें प्रतिदिन 50 टोकन देने का इंतजाम किया गया है। एक टोकन में दो किसानों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है। मामला कोटा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों का है। एक तरफ प्रदेश के अन्नदाता किसानों को अपनी खून पसीने की मेहनत से उपजाए गए धान को खरीदी केंद्र तक पहुंचाने और बेचने के लिए कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रों में अपनी धान की सुरक्षा के लिए उन्हें कड़कड़ाती ठंड में रात बितानी पड़ रही है। ऐसे में कोटा क्षेत्र के बेलगहना, टेंगनमाड़ा, केंदा स्थित धान खरीदी केंद्र में किसानों की समस्याओं को देखते हुए स्थानीय युवाओं ने अनोखा इंतजाम किया है। युवाओं की टीम ने इन केंद्रों में बकायदा पंडाल लगाया है। जहां किसानों को मुफ्त में भोजन मुहैया कराई जा रही है। यहां रोज 100 किसानों के लिए भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

धान खरीदी केंद्रों में पंडाल लगाकर मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई है।
धान खरीदी केंद्रों में पंडाल लगाकर मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई है।

केंद्रों में 3000 हैं पंजीकृत किसान
बताया जा रहा है कि बेलगहना व टेंगनमाड़ा के धान खरीदी केंद्र में करीब 1-1 हजार किसान पंजीकृत है। इसी तरह केंदा में भी लगभग 1000 किसानों का पंजीयन हुआ है। युवाओं ने आपसी सहयोग से इन परेशान किसानों को राहत देने के लिए यह व्यवस्था की है।
10 दिसंबर से शुरू की गई है व्यवस्था
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने बताया कि किसानों के खून पसीने की मेहनत से हम लोगों को अनाज मिलता है और हमारा चूल्हा जलता है। किसान जब धान बेचने मंडियों में पहुंचते हैं तब उन्हें भूखे-प्यासे रहना पड़ता। इस समस्या को ध्यान में रखकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सहयोग से इस सुविधा का शुभारंभ किया गया है। फिलहाल तीन केंद्रों में भोजन का इंतजाम किया है। आने वाले एक-दो दिन में इसे 3 की संख्या को 10 किया जाएगा। इसे राजीव किसान सुविधा केंद्र का नाम दिया गया है।

पंडाल में रोज करीब 100 किसानों को भोजन मुहैया कराई जा रही है।
पंडाल में रोज करीब 100 किसानों को भोजन मुहैया कराई जा रही है।

टोकन के माध्यम से दिए जा रहे भोजन
धान खरीदी केंद्र के पास ही बने पंडालों में किसानों को भोजन के लिए टोकन दिया जाता है। दरअसल, केंद्रों में किसानों को अपनी धान तौलाने के लिए सुबह से लेकर शाम तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें दिन भर परेशान होना पड़ता है। पंडाल में एक टोकन से दो किसानों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। प्रति केंद्रों में रोज करीब 100 किसानों को भोजन मुहैया कराई जा रही है।
पंडाल में है सैनिटाइजर व मास्क
धान खरीदी केंद्रों में बेलगहना व आसपास के युवकों के साथ ही किसान कांग्रे के ब्लॉक अध्यक्ष रामचंद्र गन्धर्व, लाला निर्मलकर, शिवदत्त पांडेय, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष हैप्पी गुप्ता, आशीष मिश्र, सुखसागर दास, समिति प्रबंधक सुरेंद्र गुप्ता, डीपी तिवारी, एके राय, हंसमनी महंत, कृष्णा पैकरा, ईश्वर सिंह, हेमंत कैवर्त्य, मनमोहन दास ने मिलकर सैनिटाइजर, मास्क के साथ ही पीने के लिए पानी की भी व्यवस्था की है।

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