आम जनता को धोखा देने का काम:ट्रेनों को आगे भी रद्द रखने की प्लानिंग पहले से थी पर करते रहे यात्रियों का रिजर्वेशन

बिलासपुरएक महीने पहले
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कोयला ढुलाई के लिए 36 यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई है, इस कारण स्टेशनों पर सिर्फ मालगाड़ियां नजर आ रही हैं। - Dainik Bhaskar
कोयला ढुलाई के लिए 36 यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई है, इस कारण स्टेशनों पर सिर्फ मालगाड़ियां नजर आ रही हैं।

जिन ट्रेनों को रेलवे प्रशासन ने कैंसिल किया है वे पिछले दो महीने से कैंसिल थीं। आगे भी उन्हें एक महीने या फिर उससे भी आगे कैंसिल रखने की प्लानिंग रेलवे प्रशासन की पहले से थी बावजूद इसके उन्होंने 24 मई के बाद की तारीखों में ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन की सुविधा शुरू रखकर आम जनता को धोखा देने का काम किया है।

अब जबकि ट्रेनों को फिर से रद्द कर दिया गया है तो रिजर्वेशन टिकटों को कैंसिल करके जनता को पूरा पैसा रिफंड कर रेलवे प्रशासन उनके साथ अपनी सहानुभूति दिखाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन यात्रा कैंसिल होने से उन लोगों को खासी तकलीफ हुई है जो परिवार के साथ घूमने जाने या फिर वैवाहिक कार्यक्रमों में शामिल होने की योजना बना रखी थी। जितनी गाड़ियां कैंसिल हैं उससे 8 लाख से अधिक लोगों की यात्रा प्रभावित हो रही है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन हो या फिर उसलापुर
आसपास के अन्य स्टेशनों को भी इसमें शामिल कर सकते हैं। वहां पर इन दिनों हर पटरी पर सिर्फ मालगाड़ी ही नजर आ रही है। देश भर में चल रहे कोयला संकट की वजह से रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों को 24 मई तक के लिए कैंसिल किया था जिसे फिर से एक महीने के लिए बढ़ाकर 24 जून तक कर दिया गया है।

ऐसे में यात्रा करने की तैयारी में जुटे परिवारों को खासा झटका लगा है। उनकी सारी प्लानिंग ध्वस्त हो गई। जबकि रेलवे को अपनी प्लानिंग पहले से मालूम थी। लेकिन जनता को धोखे में रखकर वे काम करते रहे। 4 लाख से अधिक रिजर्वेशन कैंसिल होंगे। इसका रेलवे को शतप्रतिशत रिफंड करना होगा। औसत राशि अगर निकाली जाए तो लगभग 35 से 40 करोड़ रुपए होता है। इतनी रकम रेलवे के खाते में महीनों से पड़ी थी।

समपार फाटक को बंद करने की तैयारी, दाधापारा, दगौरी और ओटगांव के लिए मंजूरी मांग रहा रेलवे
रेलवे समपार फाटकों को बंद करने की तैयारी करने में लगा है। दाधापारा, दगौरी और ओटगांव के समपार फाटक को बंद करने की अनुमति मांगी गई है। जिला प्रशासन ने फिलहाल इन्हें बंद करने की अनुमति नहीं दी है। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि जब तक रेलवे यहां लोगों के आने-जाने की सुविधाएं सहित लाइट और दूसरी व्यवस्था नहीं कर देता तब तक उन्हें मंजूरी नहीं मिलेगी।

तारबाहर फाटक को बंद करने को लेकर ऐसा ही मामला सामने आ चुका है। रेलवे के अधिकारी उस समपार फाटक को बंद करने की तैयारी कर रहे हैं, जहां से तारबाहर से सिरगिट्टी होकर हजारों लोग रोजाना आना-जाना कर रहे हैं। वे सालों से इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं, क्योंकि रेलवे ने अभी तक तीसरी लाइन की ओर अंडरब्रिज के नीचे सबवे या पुल निर्माण नहीं करवाया है। यही वजह है कि यह फाटक बिलासपुर के लोगों को काफी महत्वपूर्ण है।

मुआवजा भी देना चाहिए
जिन लोगाें के टिकट कैंसिल हुए हैं वे खासे नाराज है। उनका कहना है यात्रा की पूरी प्लानिंग रेलवे अफसरों ने ध्वस्त कर दी है। टिकट कैंसिल होने पर रेलवे को मुआवजा देना चाहिए। क्योंकि जब हम स्वयं टिकट रिफंड कराने जाते हैं तो रेलवे कैंसिलेशन फीस लेता है।

जोन संघर्ष समिति जलाएगी रेल मंत्री का पुतला
छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति 34 यात्री गाड़ियों को न चलाने का विरोध करते हुए 25 मई को दोपहर 12 बजे तारबाहर चौक पर रेल मंत्री का पुतला जलाएगी। समिति ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि जिस कोयला परिवहन से रेलवे को सर्वाधिक आय होती है, उसी कोयले के लिए छत्तीसगढ़ जैसे कोयला उत्पादक राज्य को यह दिन देखना पड़ रहा है। देश में कोयले का सर्वाधिक उत्पादन 158 मिलियन टन गत वर्ष छत्तीसगढ़ में रहा है।

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