कोयले में मिलावट का खेल:सकरी रोड से जब्त कोयले में पुलिस ने डिपो संचालक पर नहीं की कार्रवाई, ड्राइवर को बनाया आरोपी

बिलासपुर4 महीने पहले
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कोल डिपो के कर्मचारियों और ट्रेलर ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। - Dainik Bhaskar
कोल डिपो के कर्मचारियों और ट्रेलर ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

बिलासपुर में कोयले में मिलावट कर अवैध कारोबार करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लेकिन, कोयले की मिक्सिंग कराने वाले डिपो संचालक कमल भिमनानी पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। इससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहा है। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है।

घुटकू स्थित कोल वाशरी कंपनी ने रायगढ़ स्थित कोयला खदान से कोयला खरीदा है, जिसका परिवहन ट्रेलर CG 04 JB 1346, CG 15 AC 3931 एवं CG 15 AC 5448 में किया जा रहा था। बीते 23 सितंबर को तीन वाहनों के चालक रायगढ़ के टेड़ा नवापारा से कोयला लेकर फिल वाशरी घुटकू के लिए नकले थे। रात में तीनों वाहन चालकों ने गाड़ी को सकरी के सैदा स्थित तिवारीपारा में कमल भिमनानी के डिपो ले गए, और संचालकों से मिलीभगत कर उच्च क्वालिटी के कोयले को निकालकर उसमें जीरा गिट्टी की मिलावट कर रहे थे।

डिपो मैनेजर ने पुलिस को दी सूचना
कोयले में मिक्सिंग की जानकारी फिल कोल वाशरी के मैनेजर संतोष सिंह ने पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही सकरी थाना प्रभारी सागर पाठक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। तीनों वाहन में भरे कोयले को सैदा तिवारीपारा कोल डिपो से जब्त कर पुलिस थाने ले गई। तीनों ट्रकों से 6 लाख रुपए की 70 टन कोयले में मिलावट पाई गई है।

तीन ट्रेलर कोयला जब्त किया गया है।
तीन ट्रेलर कोयला जब्त किया गया है।

5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने केस में महाराष्ट्र के नागपुर के भंडारा रोड निवासी फैजन खान पिता फिरोज खान (27), झारखंड के गढ़वा जिले के जरही निवासी मनोज चौधरी पिता सुदामा चौधरी (26), झारखंड के गढ़वा जिले के जरही निवासी छोटन चौधरी पिता राम देव चौधरी (27), हिर्री के सकर्रा निवासी राधेश्याम वर्मा पिता अरूण कुमार (31) और बिलासपुर के सरकंडा जबड़पारा निवासी दीपक चौरसिया पिता सत्यनारायण चौरसिया (22) को गिरफ्तार किया है।

डिपो को भी नहीं किया सील
इस कार्रवाई के दौरान कोल वाशरी के मैनेजर संतोष सिंह ने पुलिस को बताया कि, डिपो में बड़े पैमाने पर कोयला रखा है, जिसमें मिक्सिंग किया जा रहा है। लेकिन, इसके बाद भी पुलिस ने न तो कोल डिपो की जांच कर उसे सील किया और न ही कोयले की जब्ती बनाई।

कोल डिपो की पुलिस ने नहीं की जांच।
कोल डिपो की पुलिस ने नहीं की जांच।

खनिज विभाग और पुलिस की मिलीभगत से अवैध कारोबार
सकरी क्षेत्र के बाइपास रोड में कोयले का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। खनिज विभाग और पुलिस पर गड़बड़ी रोकने की जिम्मेदारी है। लेकिन, सब कुछ जानते हुए भी न तो खनिज विभाग की टीम कोल डिपो की जांच करने जाती है और न ही पुलिस डिपो में चल रहे कोयले की अफरातफरी पर कार्रवाई करती है। इस गोरखधंधे में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।

ट्रांसपोर्टर करा रहा था मिलावट
रतनपुर क्षेत्र मोहतराई स्थित मौर्य कोल डिपो में भी कोयले में मिक्सिंग का मामला सामने आया है। यहां डिपो संचालक से मिलीभगत कर खुद ट्रांसपोर्टर कोयले को डंप कर मिलावट करा रहा था। इस मामले में पुलिस ने अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है। कोरबा जिले के दीपका पाली रोड में रहने वाले संतोष सिंह (40) कोलवाशरी के मैनेजर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 21 सितंबर की रात ट्रांसपोर्ट कंपनी तलविंदर सिंह की कंपनी का ट्रेलर गेवरा खदान से कोयला लेकर निकला था। गुरुवार की सुबह ट्रेलर घुटकू स्थित कोल वाशरी पहुंच गया, जहां कोयले की जांच में मिलावट मिला। ड्राइवर बसंत मरावी ने पूछताछ में बताया कि गाड़ी का मालिक शारदा राठौर के कहने पर उसने मौर्य कोल डिपो गया था। डिपो संचालक रोमी मौर्य, मैनेजर अजय सिंह ने कोयले में मिलावट किया है। इसमें ट्रांसपोर्टर भी शामिल है।

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