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पहले ही दिन परेशानी:रातभर पर्ची बंधे पत्थरों की तो दिनभर किसानों की कतार, धान के लिए बारदानों की खूब रही तंगी

बिलासपुर2 महीने पहले
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हाईकोर्ट के पास स्थित ग्राम छतौना के खरीदी केंद्र में पूरे दिन धान बेचने के लिए किसान जद्दोजहद करते रहे। फिर भी केवल 28 ही धान बेच सके। - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट के पास स्थित ग्राम छतौना के खरीदी केंद्र में पूरे दिन धान बेचने के लिए किसान जद्दोजहद करते रहे। फिर भी केवल 28 ही धान बेच सके।

समर्थन मूल्य में धान खरीदी के पहले दिन उपार्जन केंद्रों में सीमित संख्या में ही किसानों का धान खरीदा गया। तिफरा-परसदा केंद्र और बोदरी में महज तीन-तीन किसानों से ही धान खरीदा गया, जबकि रिकॉर्ड धान खरीदने वाले छतौना खरीदी केंद्र में पहले दिन महज 28 किसानों से ही धान लिया गया। बुधवार को जिले के 76 केंद्रों में 342 किसानों ने 8 हजार क्विंटल धान बेचा। इस तरह धान खरीदी की शुरुआत हुई। दैनिक भास्कर ने खरीदी केंद्रों में जाकर हालात का जायजा लिया। वहां किसानों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि 25 फीसदी धान जूट बारदाना से लाने कहा जा रहा है लेकिन उन्होंने प्लास्टिक बोरियां खरीदी हैं। जूट बारदाना उनके पास नहीं है तो क्या वे धान नहीं बेच सकेंगे। चार-पांच दिन या सप्ताह भर आगे का टोकन नहीं काटा जा रहा है।

जिपं सदस्य ने की प्रभारी मंत्री से शिकायत
जिला पंचायत सदस्य मीनू सुमंत यादव ने प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल को शिकायत किया कि उन्हें घुटकू खरीदी केंद्र में आमंत्रित किया गया था लेकिन एसडीएम, नायब तहसीलदार, पटवारी व प्रभारी प्रबंधक ने खरीदी प्रारंभ कर दिया। इनके खिलाफ कार्रवाई करें।

बारदाने को छिपाकर रखा, किसानों को 50 फीसदी लाने कह रहे

तिफरा-परसदा खरीदी केंद्र में 14800 बारदाना आया है जिसे एक कमरे में छिपाकर रखा गया है। किसानों को 50 फीसदी अपने जूट बारदाना से धान लाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। परसदा निवासी किसान कन्हैयालाल कौशिक ने बताया कि बहुत मुश्किल से वह धान लेकर आए हैं। समिति प्रबंधक नंदलाल कौशिक ने बताया कि उनके केंद्र में राइस मिलर्स के यहां से बारदाना नहीं आया है, इसलिए साफ्टवेयर में 50 फीसदी धान किसानों के ही बारदाना से खरीदने का आप्शन है। आज तीन किसानों से 210 क्विंटल धान ही लिया जाएगा। केंद्र में 337 किसान पंजीकृत हैं

टोकन के लिए लग रही भीड़ पर दूसरे दिन का ही काटने से निराशा

बोदरी में महज तीन किसानों का 130 क्विंटल धान खरीदा गया। कुल 589 किसान पंजीकृत है। यहां किसानों की भीड़ लगी रही। किसान सुंदरलाल ने बताया कि वे टोकन के लिए आए हैं लेकिन उन्हें दूसरे दिन आने कहा गया है। उनके पास जूट बारदाना नहीं है। नगपुरा निवासी लेखराम कौशिक ने बताया कि उसके पास पिछले साल का बारदाना है। किसी तरह धान बेच लेगा लेकिन टोकन के लिए दूसरे दिन आने कहा जा रहा है। ईश्वर कौशिक ने बताया कि एक दिन पहले ही टोकन कटेगा, इसलिए उन्हें वापस जाना पड़ रहा है।

प्लास्टिक बोरियों में ला रहे धान बोरी फटने से नुकसान भी हो रहा

चकरभाठा से लगे छतौना खरीदी केंद्र में पिछले साल 46 हजार क्विंटल धान खरीदा गया था। इस बार रकबा और किसान बढ़ने के कारण 50 हजार क्विंटल खरीदी का अनुमान है। समिति प्रबंधक नेपाल कौशिक ने बताया कि एक दिन में 1200 से 1400 क्विंटल धान ही खरीद रहे हैं। आज 28 किसानों का 1100 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। 19 हजार बारदाना है और 1278 किसान। किसान प्लास्टिक बोरियों में धान लेकर आ रहे हैं और बोरी फटने से धान जमीन पर बिखर रहा है। जिससे नुकसान भी हो रहा है।

कलेक्टर ने लिया जायजा कांटा बाट को चेक किया

कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने बिल्हा ब्लॉक के महमंद धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कांटा, बांट, बारदाने की उपलब्धता, डनेज, कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। तौलाई आदि की व्यवस्था को देखा। डनेज के लिए चबूतरे में एक लेयर एवं जमीन पर दो लेयर करने के निर्देश दिए। धान की भी गुणवत्ता को उन्होंने देखा।

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