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उच्च शिक्षा:दो दिन शेष, 89 कॉलेजों में 18 हजार से ज्यादा सीटें खाली, पीजी में सबसे ज्यादा 77 फीसदी, तीन बार पोर्टल खुला, अब ओपन एडमिशन चल रहा, फिर भी सीटें नहीं भर रहीं

बिलासपुर2 महीने पहलेलेखक: रामप्रताप सिंह
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प्रतीकातमक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकातमक फोटो

उच्च शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार दो दिन एडमिशन के लिए शेष बचे हैं। फिर भी अटल यूनिवर्सिटी के 89 कॉलेजों में स्नातक में 35 प्रतिशत और स्नातकोत्तर में 77.70 प्रतिशत सीटें खाली हैं। जबकि कॉलेजों में ओपन एडमिशन चल रहे हैं। इसके बावजूद छात्र एडमिशन नहीं ले रहे हैं।

वहीं सीयू में 16 हजार 938 छात्र प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किए हैं। अब इन छात्रों की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को है। 6 अक्टूबर को रिजल्ट निकलेगा। इसके बाद यहां जिन छात्रों का एडमिशन नहीं होगा, वे फिर कॉलेजों में एडमिशन के लिए आएंगे, लेकिन तब तक यहां एडमिशन की तारीख खत्म हो जाएगी। वहीं शासन अभी भी नए कॉलेज खोल रही है और शासकीय व प्राइवेट कॉलेजों में विभिन्न विषयों की सीटें बढ़ा रही है। एयू के कॉलेजों में यूजी में 25 हजार 650 सीटें हैं। इन सीटों पर एडमिशन लेने तीन बार यूनिवर्सिटी ने पोर्टल खोला। फिर भी यूनिवर्सिटी की 35 प्रतिशत सीटें खाली है। जबकि इन सीटों पर एडमिशन के लिए 44 हजार 578 आवेदन आए थे। सभी कॉलेजों में अंतिम तारीख तक यूजी में 16 हजार 690 छात्रों ने एडमिशन लिया है। अभी भी 8 हजार 960 सीटें खाली हैं। पीजी में कुल 11 हजार 545 सीटें हैं। इन सीटों पर 30 हजार 365 छात्रों ने आवेदन किया है। अभी तक मात्र 2 हजार 574 छात्रों ने एडमिशन लिया है। शहीद नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी में भी 50 प्रतिशत सीटें खाली हैं। इधर शासन ने 5 अक्टूबर से कॉलेजों को ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने निर्देश दिया है। साइंस कॉलेज साइंस ग्रुप, जीडीसी आर्ट्स ग्रुप व जेपी वर्मा कॉमर्स के छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा देगी।

अब स्कूल, कॉलेज खुले, तो एडमिशन नहीं ले रहा कोई

शासन ने कॉलेजों में बढ़ा दी 920 सीट

एडमिशन की तारीख खत्म हो रही है। इसके बावजूद शासन द्वारा 10 नए कॉलेज खोल दिए गए हैं। यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों के विभिन्न विभागों में 920 सीटें बढ़ा दी गई। इन सीटों पर आवेदन मंगाने के लिए यूनिवर्सिटी को पहले कॉलेजों का निरीक्षण कराना होता है। बैठक व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं को देखने के बाद आवेदन के लिए पोर्टल खोलना रहता है। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी बिना निरीक्षण के कॉलेजों का पोर्टल खोल दिया है।

साइंस कॉलेज पीजी के लिए पोर्टल बना रहा

प्रवेश के लिए दो दिन शेष हैं। यूजी के अंतिम वर्ष के छात्रों का रिजल्ट साइंस कॉलेज ने देर से जारी किया है। अब ये छात्र एडमिशन के लिए भटक रहे हैं। इधर साइंस कॉलेज जो सभी कॉलेजों को लीड करता है, वह शासन के नियमों की अवहेलना करते हुए अभी तक पीजी में आवेदन तक नहीं मंगाया है। अब कॉलेज एयू से अलग होकर पीजी में आवेदन मंगवाने अपना पोर्टल बना रहा है। ऐसे में एक बार छात्र एयू को पैसा पटाया और अब फिर उसे साइंस कॉलेज को पटाना पड़ेगा। इसके बाद साइंस कॉलेज में ब्रोशर के लिए 100 रुपए अधिक देना होगा।

बिना मार्कशीट कॉलेज नहीं दे रहे टीसी

एयू छात्रों को मार्कशीट नहीं दे पा रही है। एडमिशन के दो दिन शेष बचे हैं। ऐसे में कॉलेजों द्वारा छात्रों को टीसी, चरित्र प्रमाण-पत्र और माइग्रेसन नहीं दिया जा रहा है। छात्र परेशान हो रहे हैं। इसकी शिकायत लेकर सोमवार को आशिर्वाद पैनल के मनीष मिश्रा कुलपति के पास पहुंचे। वहां उन्होंने मौलाना आजाद कॉलेज की प्राचार्य द्वारा टीसी देने के नाम पर छात्रा के साथ किए दुर्व्यवहार के बारे में बताया और कार्रवाई की मांग की। कुलपति ने प्राचार्य को जवाब देने यूनिवर्सिटी बुलाया। छात्रों ने मांग की कि यूनिवर्सिटी पत्र जारी करे कि सभी कॉलेज छात्रों को टीसी व माइग्रसेन जारी करें।

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