घोटाला:कचरे का वजन बढ़ाने, मलबा मिलाते दो गाड़ियां पकड़ीं, ठेका कंपनी को नगर निगम का नोटिस

बिलासपुर2 महीने पहले
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  • व्यापार विहार के ट्रांसफर स्टेशन में चल रहा था मिक्सिंग का खेल, पुलिस ने मामला दर्ज किया

कचरे का वजन बढ़ाने के लिए उसमें मिट्टी, मलबा मिलाने का मामला नगर निगम के सभापति शेख नजीरुद्दीन ने बुधवार को दोपहर व्यापार विहार में उस वक्त पकड़ा जब सफाई कार्य में लगी नगर निगम की दो हाइवा कचरे में मिट्टी भरकर लौट रहे थे। दोनों गाड़ियां जिनका नंबर CG10 AZ. 4380,79,4230,4231 है, सफाई कार्य में रामकी कम्पनी द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं। बता दें कि कचरे के निबटान के लिए रामकी कंपनी को 2115 रुपए प्रति टन की दर पर निगम ने 3 साल के लिए ठेका दिया है। सभापति को कई बार शिकायत मिल रही थी, जिसकी जांच के लिए उन्होंने व्यापार विहार त्रिवेणी भवन के पास कचरा डंप करने जा रही दो गाड़ियों को रोक कर देखा तो उसमें मिट्टी भरी पाई गई। सभापति के मुताबिक वाहन में कचरा नाम मात्र का पाया गया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर लिया गया है और नगर निगम द्वारा इसकी विभागीय जांच कराई जाएगी।

ड्राइवर ने कबूला कचरा मिलाना
ड्राइवर से कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कचरे का वजन बढ़ाने के लिए मिट्टी मिक्स करने की बात कबूल की। ड्राइवर ने कहा कि वह एेसा दिन में दो बार करता है। सभापति ने नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी व कम्पनी के मैनेजर मुरलीधरन को तलब किया। सभापति ने आरोप लगाया कि निगम को सफाई व स्वच्छता अभियान के नाम पर रामकी कम्पनी करोड़ों का चूना लगा चुकी है। उन्होंने सारे मामले में निगम के अधिकारियों की मिलीभगत का अंदेशा जताया।

ब्लैक लिस्टेड की मांग
सभापति ने आयुक्त अजय कुमार त्रिपाठी व महापौर रामशरण यादव मामले की जानकारी देते हुए ठेका कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने तथा जुर्माने की कार्रवाई के लिए कहा । सभापति का कहना है कि कम्पनी पर 10 लाख का जुर्माना लगाया गया। निगम के इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा जुर्माना लगाया गया है। जांच के दौरान मौके पर दिलीप कक्कड़, अर्जुन सिंह, जावेद, अनुराग आदि मौजूद रहे।

पुलिस ने बगैर कार्रवाई किए ही कचरा गाड़ी छोड़ दी
कचरा में मिट्टी, मलबा मिलाने का मामला सर्वप्रथम डेढ़ वर्ष एमआईसी मेंबर राजेश शुक्ला एवं अजय यादव ने रेलवे क्षेत्र में पकड़ा। तोरवा थाने में इसकी रिपोर्ट लिखाई गई, परंतु पुलिस ने छोड़ दिया। आज भी मामला पकड़े जाने के बाद पुलिस ने हाइवा को मौके पर से छोड़ दिया। बड़ा सवाल यह है कि यदि कचरे का वजन बढ़ाने के लिए घोटाला करते मामला पकड़ा गया तो इसमें बगैर कार्रवाई किए वाहन को क्यों छोड़ दिया गया? आशंका जताई जा रही है कि मामले में कहीं आंतरिक समझौता हो गया है।

नोटिस के जवाब बाद पेनाल्टी लगाई जाएगी
घटना की जानकारी मिलने पर नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी को जांच के िलए व्यापार विहार भेजा गया। स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में ठेका कंपनी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर रामकी कंपनी पर 5 लाख रुपए पेनाल्टी लगाई जा सकती है। मौके के फोटोग्राफ्स मंगाए गए हैं। सभी पक्षों की बात सुनने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
-राकेश जायसवाल, अपर आयुक्त नगर निगम

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