यात्री की जुबानी 'बर्निंग ट्रेन' की कहानी:बोले-अचानक मच गई भगदड़, हम डर गए; जिस डिब्बे में आग लगी थी उसी में सवार थे

बिलासपुर2 महीने पहले

मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के हेतमपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस की 4 बोगियों में भीषण आग लग गई थी। इस ट्रेन में छत्तीसगढ़ के भी 107 यात्री सवार थे। हालांकि राहत की बात ये रही की सभी सुरक्षित हैं। इस ट्रेन में छत्तीसगढ़ के रहने वाले व्हीलचेयर तलवारबाजी के अंतरराष्ट्रीय तलवारबाज हरिहर सिंह राजपूत भी सवार थे। बिलासपुर के उसलापुर रेलवे स्टेशन में उतरने के बाद उन्होंने घटना की आपबीती बताई है।

हेतमपुर स्टेशन के पास जलती ट्रेन।
हेतमपुर स्टेशन के पास जलती ट्रेन।

हरिहर सिंह राजपूत ने बताया कि हम सब बैठे थे, आसपास की सीटों में हम करीब 10 लोग बैठे थे। ट्रेन जैसे ही हेतमपुर स्टेशन के पास पहुंची थी कि अचानक उसमें आग लग गई। अचानक आग लगने से भगदड़ मच गई। सभी इधर-उधर जाने लगे। हम भी उसी डिब्बे में सवार थे। जिस डिब्बे में आग लगी थी। हमने तुरंत सामान किसी तरह उठाया और साथियों के साथ दूसरे डिब्बे में गए, तब जाकर राहत मिली। अचानक भगदड़ मचने से हम काफी डर गए थे। राहत की बात यह रही कि सभी सुरक्षित हैं।

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उसलापुर स्टेशन पर पहुंचने पर लोगों ने खिलाड़ी का स्वागत किया।
उसलापुर स्टेशन पर पहुंचने पर लोगों ने खिलाड़ी का स्वागत किया।

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इटली गए थे हरिहर सिंह राजपूत

दरअसल, बिलासपुर के रहने वाले हरिहर सिंह राजपूत इटली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय तलवार स्पर्धा में शामिल होने गए थे। वहां से शामिल होने के बाद वह दिल्ली से दुर्ग-उधमपुर ट्रेन से वापस दिल्ली लौट रहे थे कि अचानक मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में ये हादसा हुआ। इधर, उनके बिलासपुर पहुंचने पर लोगों ने उनका स्वागत किया। उनके अलावा उसलापुर स्टेशन पर कुल 28 यात्री सुरक्षित पहुंचे हैं। यात्रियों ने बताया कि आगजनी के चलते कपड़े, सामान, पॉसपोर्ट, लेपटॉप सहित कई जरूरी दस्तावेज नष्ट हो गए हैं।

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