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कैप्टन कूल ऐप बताएगा आपने कितना कार्बन फैलाया:शिक्षक पानू के निर्देशन में छात्र उत्तम, हिमांगी व पूनम ने छह महीने में तैयार किया मोबाइल ऐप

बिलासपुर6 दिन पहले
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छात्र हिमांगी, पूनम व उत्तम ने बनाया ऐप। - Dainik Bhaskar
छात्र हिमांगी, पूनम व उत्तम ने बनाया ऐप।

संक्रमण कॉल में लोगों को ऑक्सीजन की कमी हुई। लोग परेशान रहे। इसको देखकर नेचर बॉडीस टीम के सदस्य छात्र उत्तम कुमार तंबोली, हिमांगी हालदार और पूनम सिंह के मन में आया है कि प्राकृतिक स्त्रोतों को दोहन हो रहा है। हम कैसे दोहन कर रहे हैं। कार्बन का प्रभाव कैसे प्रकृति पर पड़ रहा है, इसे पता लगाने का तरीका खोजने लगे।

छात्रों ने बताया कि उन्हें भारत माता स्कूल के शिक्षक पानू हालदार से मार्गदर्शन मिला कि वे ऐप बनाएं, जिससे हम प्रतिदिन अपने जीवन में किन चीजों से कितना कार्बन उत्पन्न कर रहे हैं, पता चल जाए। इसके बाद हम सभी मिलकर काम करना शुरू किए। काम करने में 6 महीने लगे। आकड़ों का संकलन व उनका विश्लेषण कर इस एप का निर्माण किए और इस ऐप का नाम “कैप्टन कूल’ दिए। छात्रों ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से आम इंशान अपनी दिनचर्या में अपनी दैनिक गतिविधि से कितना कार्बन उत्सर्जन करता है, इसकी गणना कर सकता है। इस एप के द्वारा प्रतिदिन माेबाइल चार्ज करने, पंखे का उपयोग, एयर कंडीशनर का उपयोग, लैपटाप का उपयोग, कम्प्युटर का उपयोग, मोबाइल डेटा का उपयोग करने से वातावरण में कितना कार्बन उत्पन्न कर रहे हैं, इसकी गणना कर सकते हैं। इसके साथ ही अपने दैनिक जीवन में पेट्रोल, डीजल से चलने वाले वाहनों से उत्सर्जित होने वाले कार्बन की मात्रा की गणना भी की जा सकती है।

ऐप ने राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किया प्रथम स्थान
छात्रों के इस ऐप को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरकण मंडल रायपुर का सहयाेग मिला। हिमांगी ने बताया कि विश्व पृथ्वी दिवस पर इस ऐप को वे शुरू किए। इसका उपयोग छत्तीसगढ़ के 6 हजार 750 ईको क्लब के 13 लाख से ज्यादा छात्र कर रहे हैं। इस सफल प्रयोग के लिए जलवायु साक्षरता के लिए केंद्र सरकार व अर्थ डे नेटवर्क इंडिया प्रतियोगिता में शिक्षक पानू हालदार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

इस तरह ग्रीन हैकरों ने बनाया ऐप
छात्र उत्तम, हिमांगी व पूनम ने बताया कि इस एप को मानक कार्बन उत्सर्जन के आधार पर बनाया गया है। इसमें दैनिक जीवन में उपयाेग होने वाले उपकरणों का विकल्प है तथा इनकी पावर रेटिंग एवं उपयोग करने की समयावधि डालने पर यह हमें हमारे द्वारा किसी उपकरण के उपयोग से होने वाले कार्बन के उत्सर्जन की गणना करके दिखा देता है। इसमें टीवी, फ्रिज, लाईट, लैपटाप तथा मोबाइल फोन आदि है।

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