आधी रात में ही क्यों दी जाती है खबर:केयर एंड क्याेर अस्पताल में 2 मरीजों की मौत पर हंगामा

बिलासपुर6 महीने पहले
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परिजनों ने डाक्टर से चर्चा कर लापरवाही का विरोध किया। - Dainik Bhaskar
परिजनों ने डाक्टर से चर्चा कर लापरवाही का विरोध किया।

केेयर एंड क्याेर अस्पताल में मरीजों की मौत होने के बाद उनके परिजनों ने पैसा वसूली और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल वाले सिर्फ पैसा वसूल रहे हैं और इलाज के नाम पर कुछ नहीं कर रहे। जिन मरीजों की मौत हुई उनमें से एक भाटापारा तथा एक राजकिशोर के निवासी हैं।

हंगामा होने की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर कलेक्टर के नाम शिकायती पत्र तहसीलदार को सौंपा है। सीएमएचओ ने मामले में जांच कमेटी बनाने की बात कही है। वहीं अस्पताल संचालक ने सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है।

राजकिशोर नगर में रहने वाली मंजू कौर भाटिया 56 वर्ष पत्नी सरतार सिंह 20 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती हुई थीं। उन्हें कोरोना था। वहीं भाटापारा निवासी इंदू परपियानी 51 वर्ष पत्नी शंकर परपियानी 24 अप्रैल को केयर एंड क्याेर अस्पताल में भर्ती हुई थीं। इलाज के दौरान 27 अप्रैल की रात इंदू की मौत हो गई। वहीं बुधवार की सुबह राजकिशोर निवासी मंजू कौर ने भी दम तोड़ दिया। मरीज की मौत होने की खबर जैसे ही इनके परिजनों को लगी तो वह अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप था कि मरीज की हालत बिगड़ने की जानकारी रात में 12 से 2 बजे के बीच ही क्यों दी जाती है? इसके अलावा मरीज से हमारी कोई बात नहीं कराते।

8 मरीजों की मौत

केयर एंड क्योर अस्पताल में 24 घंटे के अंदर 8 लोगों की मौत हुई है। इन मौतों को लेकर जानकारी मिली है कि इनमें से 3 गंभीर हालत में भर्ती किए गए थे जबकि 5 कोरोना संक्रमित थे । कुछ वेंटिलेटर पर थे कुछ मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। 8 मरीजों की मौत की पुष्टि अस्पताल संचालक ने भी की है।

मैं सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक आईसीयू में राउंड लेता हूं । राउंड के दौरान मरीजों की हालत की जानकारी उनके परिजनों को दी जाती है। अपनी निगरानी में इलाज कर रहा हूं। इसलिए लापरवाही का सवाल ही नहीं है। परिजनों के सभी आरोप निराधार हैं। 8 मरीजों की मौत हुई है यह सही है लेकिन यह सभी गंभीर हालत में मेरे यहां भर्ती हुए थे।
-डा. सिद्धार्थ वर्मा, संचालक, केयर एंड क्याेर हास्पिटल

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