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वैक्सीन ही बचाव है:वैक्सीनेशन ही सबसे बड़ा बचाव, फिर भी इसे लगवाने में हमारा जिला पीछे

बिलासपुर12 दिन पहले
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बालमुकुंद स्कूल में वैक्सीन लगवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते लोग। - Dainik Bhaskar
बालमुकुंद स्कूल में वैक्सीन लगवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते लोग।
  • 1 जनवरी से प्रारंभ हुुआ वैक्सीनेशन, शुरुआत में लोगों ने वैक्सीन लगवाने में दिखाई दिलचस्पी, लेकिन अब बहुत कम संख्या में पहुंच रहे

कोरोना से बचने का सबसे बड़ा और अचूक हथियार वैक्सीन को बताया जा रहा है, लेकिन जिले वासी अब इसेे लगवाने में पिछड़ते जा रहे हैं। वैक्सीनेशन के शुरुआती दिनों में तो जिलेवासियों ने इसमें काफी रुचि दिखाई लेकिन कुछ दिनों बाद ही वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या रोज घटती ही रही। जबकि चिकित्सा जगत से जुड़े ख्यात विशेषज्ञ पहले ही कह चुके हैं कि जिनको वैक्सीन लग चुकी होगी उन्हें बाद में कोरोना भले ही हो जाए लेकिन यह खतरनाक नहीं होगा और व्यक्ति कुछ समय में ही इस वायरस से मुक्ति पा लेगा और जान भी सुरक्षित रहेगी।

सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन
देश में जब वैक्सीन लगने का काम प्रारंभ हुुआ तो सबसे पहले इसके लिए हेल्थ वर्कस को चुना गया। सबसे पहलेे टीकाकरण का काम 16 जनवरी से शुरु हुुआ। हालांकि उस दौरान टीके को लेकर कई तरह की भ्रांतियां भी फैल रही थीं। इसलिए लक्ष्य के अनुसार टीकाकरण नहीं हो सका। टीकाकरण की रफ्तार धीमी रहने पर इसमें फ्रंट लाइन वर्कस को जोड़ लिया गया। फ्रंट लाइन वर्कस जिनमें नगर निगम, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग तथा वह सरकारी विभाग शामिल किए गए जो सीधे तौर पर कोरोना के बीच अपना दायित्व निभा रहे थे। 1 मार्च से टीकाकरण 60 वर्ष से ऊपर तथा 45 वर्ष से ऊपर के ऐसे लोग जो गंभीर रुप से बीमार थे उन्हें टीका लगाने का काम प्रारंभ कर दिया गया।

वैक्सीनेशन घटने का कारण

  • जिले में लॉकडाउन का लग जाना
  • कंटेनमेंट जोन बनना जिससे लोग बाहर ही नहीं निकल पा रहे
  • संक्रमण ज्यादा है जिससे लोग डरे हुए हैं, इसलिए अभी आना ही नहीं चाहते
  • वैक्सीनेशन सेंटरों पर भीड़ का होना, इससे भी बहुत लोग नहीं आ रहे क्योंकि उन्हें लगता है इतनी भीड़ में वह संक्रमित हो जाएंगे
  • वैक्सीन को लेकर अभी तक भ्रांतियां बनी हुई है। इसलिए भी लोग अभी नहीं आ रहे

वैक्सीनेशन बढ़ाने का प्रयास काम नहीं आया
वैैक्सीन लगवाने ज्यादा से ज्यादा लोग सेंटरों तक पहुंचे इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम व अन्य विभागों के साथ मिलकर संयुक्त प्रयास भी किए। पर इन प्रयासों का भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।

सिर्फ वैक्सीन ही बचाव है
टीका लगने के बाद गंभीर संक्रमण नहीं होगा। अगर बुखार आता है तो यह तीन दिन में ठीक हो जाएगा। वैक्सीन लगने के बाद अगर बुखार आए तो यह न समझे कि यह टीका लगवाने की वजह से आ रहा है।
डा. मनोज सैम्युल, टीकाकरण प्रभारी, बिलासपुर

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