लॉकडाउन का फायदा:सब्जियां सस्ती मिल रहीं, किसान और जनता दोनों खुश, क्योंकि बिचौलिए गायब हैं

बिलासपुर7 महीने पहलेलेखक: सुनील शर्मा
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किसान खेत से टमाटर तोड़कर बाहर बेचने के लिए इकट्‌ठे करते हुए। - Dainik Bhaskar
किसान खेत से टमाटर तोड़कर बाहर बेचने के लिए इकट्‌ठे करते हुए।
  • भिंडी और टमाटर 10 रुपए, गोभी 20 रुपए तथा अन्य सब्जियां सस्ती, अभी छोटे विक्रेता किसान की बाड़ी जाकर खुद ही खरीद रहे

लॉकडाउन के पहले 30 रुपए किलो में बिकने वाली भिंडी अभी 10 रुपए किलो में मिल रही है। किसान इस कीमत पर खुश है क्योंकि उन्हें घाटा नहीं हो रहा है। लोग तो खुश हैं ही उन्हें मिलने वाली भिंडी एकदम ताजी जो है। यहीं बात अन्य सब्जियों पर भी लागू है। दुखी केवल बिचौलिए हैं। वजह ये की मंडी बंद होने से उन्हें कमीशन जो नहीं मिल रहा है और इसी वजह से सब्जियों की कीमत कम है।

14 से 21 अप्रैल के लॉकडाउन में सब्जी बेचने की छूट नहीं थी। इससे किसानों को घाटा हो रहा था। लॉकडाउन जब बढ़ाया गया तो सुबह 7 से 12 बजे तक फेरी लगाकर सब्जी बेचने की छूट दी गई। सब्जी निर्यात भी कम हो रही है। इसलिए सब्जी न सिर्फ ताजी आने लगी है, बल्कि फिलहाल इसका रेट भी ज्यादा नहीं है। गर्मी बढ़ते ही सब्जियां महंगी होने लगती हैं, लेकिन अभी सस्ती है। मंगला, लोखंडी, तुर्काडीह, घुटकू, चोर भट्टी और आसपास की बाड़ियों से चिल्हर कारोबारी सब्जियां लाकर उसे ठेलों में मोहल्लों-बस्तियों में बेच रहे हैं।

लॉकडाउन के पहले टमाटर 15 रुपए किलो था और अभी 10 रुपए किलो में बिक रहा है। 40 रुपए किलो तक बिकने वाला फूल गोभी 20 से 25 रुपए किलो में बिक रहा है। इस समय बाड़ियों में फूलगोभी, बंधा गोभी, लौकी, बरबट्‌टी, भिंडी, तोराई, लौकी, बैंगन और पालक आदि निकल रही है। छग युवा प्रगतिशील किसान संघ के उपाध्यक्ष मनीष कश्यप के कहना है कि अभी बड़े किसानों को जरूर कुछ घाटा हो रहा है लेकिन हमारे छोटे किसान भाइयों को जिनकी संख्या ज्यादा है को फायदा हो रहा है।

पहले हम मंडी ले जाते थे,अभी विक्रेता बाड़ी से ले जा रहे

तुर्काडीह के किसान नारद पटेल ने बताया कि चिल्हर कारोबारी खुद बाड़ी आकर सब्जियां ले जा रहे हैं। पहले किसानों को मंडी जाना पड़ता था। मंडी बंद होने से भाड़ा बच रहा इसलिए सस्ते में बेच रहे हैं। किसान जेठू पटेल ने बताया कि पकी सब्जियों को खेत से नहीं तोड़ने पर खराब होती हैं। उनमें कीड़ा लगता है, जिससे बाकी सब्जियां भी खराब होती हैं। इसलिए उन्हें किसी भी कीमत पर बेचना जरूरी होता है। इसलिए भी सब्जियां हम सस्ती बेच रहे हैं।

मांग की कमी, इसलिए भी कीमत कम

लॉकडाउन के कारण बिलासपुर ही नहीं पूरे राज्य में सब्जियों की मांग काफी कम है। इसकी वजह लॉकडाउन के कारण, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों का बंद होना है। शादी-समारोह सहित अन्य आयोजन भी नहीं हो रहे हैं। इस वजह से सब्जियों की मांग काफी कम है। लोकल बाड़ियों से भरपूर सब्जियां आ रही हैं। यह भी कीमत कम होने की वजह है।

कमीशन खत्म हो तो सस्ती मिलेगी सब्जियां : किसानों के मुताबिक मंडी में कमीशन की व्यवस्था खत्म होने पर लोगों को स्थानीय सब्जियां कम कीमत पर मिलेगी। मंडी में 8 प्रतिशत कमीशन, दो-दो बार भाड़ा, चिल्हर विक्रेताओं के मुनाफे की वजह से बाड़ी से घर आते तक सब्जियों के दाम दोगुने और कभी तिगुने भी हो जाते हैं।

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