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बहुचर्चित अपहरणकांड:बिलासपुर जिला कोर्ट में विराट की गवाही, जज ने अपने बाजू में बिठाया, सभी अपहर्ताओं को पहचाना

बिलासपुरएक महीने पहले
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विराट। - Dainik Bhaskar
विराट।
  • न्यायाधीश के सामने घटनाक्रम की दी जानकारी, वकीलों के जवाब दिए

प्रदेश के बहुचर्चित विराट अपहरणकांड के मामले में गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विराट की कोर्ट में गवाही हुई। उसने सभी आरोपियों को पहचाना। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने उसे अपने बगल की कुर्सी पर बिठाया। वकीलों से कहा कि उन्हें किसी तरह की आपत्ति तो नहीं है। वकीलों ने कहा ठीक है।

इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही हुई। आरोपी जेल से जुड़े हुए थे। टीवी स्क्रीन में भी विराट से सभी को पहचाना। आरोपी हरे कृष्णा के बारे में बताया कि यह वहीं है, जो अपहरण के दौरान उसके साथ रहता था। इसी तरह आरोपी नीता सराफ को कहा कि यह उसकी बड़ी मम्मी है। अनिल सिंह व सतीश शर्मा की भी उसने पहचान की। इसके बाद उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में कोर्ट में जज के सामने क्रमबद्ध बताया। इसी तरह उसने दूसरे पक्ष के वकीलों के सवालों के भी जवाब भी सही दिया। कोर्ट में गवाही के बाद वह बाहर निकलकर फिर अंदर गया और जज को नमस्ते किया। करबला में भाजपा कार्यालय के सामने से 20 अप्रैल 2019 को हुई बहुचर्चित अपहरणकांड की मुख्य साजिशकर्ता उसी की बड़ी मां नीता सराफ थी। वह अपने देवर को बर्बाद होते देखना चाहती थी।

इसके लिए उसने ही अपहर्ताओं को 6 करोड़ रुपए फिरौती मांगने की सलाह दी थी। कांड के मुख्य आरोपी राजकिशोर सिंह अपने साथी रतनपुर निवासी सतीश शर्मा, बिहार भोजपुर निवासी हरेकृष्ण राय व यदुनंदन नगर निवासी अनिल सिंह राजपूत के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। सभी पकड़े जा चुके हैं। विराट के पिता विवेक सराफ बर्तन व्यवसायी हैं। पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद विराट को मिनी बस्ती से बरामद किया था। नीता के घर अनिल सिंह का आना जाना था। अपहरण की साजिश रची जा रही थी तो नीता ने ही अनिल से विराट के नाम का सुझाव दिया था। रिश्तेदार होने के कारण नीता का विवेक के घर आना जाना था। इधर अनिल सिंह भी विवेक को जानता था। अनिल ने राजकिशोर सिंह को बताया। फिर मिलकर वह अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

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