विवादों के बीच हुआ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव:862 वकीलों ने किया मतदान, मतपत्र में पंजीयन नंबर व साइन कराने को लेकर हुआ विरोध, मतगणना आज

बिलासपुर7 महीने पहले
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अधिवक्ता कक्ष में मतदान के लिए लगी पेटियां। - Dainik Bhaskar
अधिवक्ता कक्ष में मतदान के लिए लगी पेटियां।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। दरअसल चुनाव में मतपत्र के साथ पंजीयन नंबर व वकीलों के साइन कराने को लेकर आपत्ति जताई गई। वकीलों का कहना था कि इससे मतदान में पारदर्शिता नहीं रहेगी और गोपनीयता भी भंग होगी। विरोध के बाद साइन व पंजीयन क्रमांक की अनिवार्यता को खत्म कर दिया। चुनाव में 1125 में से 862 वकीलों ने मतदान किया। अब गुरुवार सुबह 10 बजे से मतों की गणना होगी। चुनाव के लिए अधिवक्ता कक्ष परिसर को एक दिन पहले ही सील कर दिया गया था। यहां पंडाल व टेंट वगैरह लगाकर बैरिकेडिंग की गई है। अधिवक्ता कक्ष हॉल में अधिवक्ता मतदान कर रहे हैं। यहां सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात हैं। सुरक्षा के लिहाज से ही बार कक्ष के चारों ओर वकील सहित अन्य लोगों के आवाजाही पर रोक है। सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ तब वोट डालने वाले वकीलों को दिए जा रहे मतपत्र में पंजीयन क्रमांक दर्ज करने के साथ ही साइन भी कराए जा रहे थे।

इससे यह पता चलने की आशंका थी कि कौन मतदाता किस प्रत्याशी को वोट डाल रहा है। इस दौरान 60 वकील मतदान कर चुके थे। तभी सीनियर वकीलों ने इस प्रक्रिया का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई। वकीलों के विरोध को देखते हुए पंजीयन नंबर दर्ज करने व साइन कराने की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया। इसके बाद मतदान शाम 5 बजे तक व्यवस्थित रूप से चला। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मत पेटियों को सील कर दिया गया है। इस दौरान 1125 वकीलों में 862 वकीलों ने मतदान किया। अब गुरुवार की सुबह मत पेटियों को 10 बजे मतगणना से पहले चुनाव अधिकारी वकीलों की मौजूदगी में खोलेंगे।
60 वकीलों ने किया था मतदान तभी शुरू हो गया विरोध
सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ, तब वकीलों ने चुनाव अधिकारी के बनाए व्यवस्था के अनुसार मतदान करते रहे। इस दौरान 60 वकीलों ने मतदान किया था। तभी पहली बार बनाई नई व्यवस्था बनाने का विरोध शुरू हो गया। सीनियर वकीलों ने कहा कि इससे पहले तक यह व्यवस्था नहीं थी। नई व्यवस्था से मतदान का नियम ही बदल गया है। 60 वकीलों के मतदान करने के बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया।
दोपहर 3 बजे के बाद बढ़ा मतदान का प्रतिशत
बुधवार को मतदान के दौरान भी हाईकोर्ट में कामकाज चल रहा था। इसके चलते सीनियर वकीलों के साथ ही बहुत से वकील कोर्ट की कार्रवाई में भाग लेने के चले गए थे। इसके चलते सुबबह से लेकर दोपहर लंच के पहले तक मतदान धीमी गति से चल रहा था। दोपहर में लंच होने पर सीनियर वकील मतदान करने पहुंचे। वहीं ज्यादातर वकील हाईकोर्ट में कामकाज निपटाने के बाद दोपहर 3 बजे के बाद मतदान करने पहुंचे। इसके चलते शाम 5 बजे से पहले मतदान के दौरान ज्यादा गहमागहमी का माहौल रहा।