बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात:दो दिनों से हो रही बारिश, बिना अलर्ट जारी किए भैंसाझार बैराज से छोड़ा 2392 क्यूसेक पानी; 200 घरों में घुसा

बिलासपुर9 महीने पहले
बिलासपुर के मांडवा बस्ती के करीब 150 से ऊपर घरों में पानी घुस चुका है। जबकि कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश और बैराज का गेट खोले जाने के बाद शहर के निचले हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बिना अलर्ट जारी किए अरपा भैसाझार से पानी छोड़ने के बाद करीब 200 घरों में पानी भर गया है। सबसे बुरे हालत दयालबंद इलाके के मांडवा बस्ती, कुदुदंड, चिंगराजपार समेत जबड़ा पारा के हैं। मांडवा बस्ती के करीब 150 से ज्यादा घरों में पानी घुस चुका है। जबकि कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बस्ती के लोगों ने बताया बुधवार शाम 4 बजे से उनके घरों में पानी आना शुरू हो चुका था।

निचले इलाकों में लोग पानी के बीच रहने को मजबूर हो गए है।
निचले इलाकों में लोग पानी के बीच रहने को मजबूर हो गए है।

दो दिनों में हुए बारिश के कारण भैंसाझार बैराज लबालब हो चुका है। बुधवार सुबह से ही बैराज का गेट खोलकर 2392 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे बिलासपुर शहर में अरपा नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी हो गई। यही वजह थी कि बुधवार की दोपहर 3 बजे तक शनिचरी रपटा पुल पूरी तरह से डूब गया।

न खाना बना सकते न खा सकते हैं
मांडवा बस्ती में रहने वाली शकुंतला कुमार ने बताया कि बुधवार की शाम 4 बजे से उनके घर में पानी भरना शुरू हो गया था। घर का अधिकतर सामान बर्बाद हो चुका है। न खाना बना सकते है, न खा सकते हैं और न ही सो सकते हैं। हर तरफ घर में सिर्फ पानी ही पानी है। पानी में सांप भी तैरता हुआ दिखाई दिया था, जिसके बाद से बच्चे बेहद डरे हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू कर उन्हें सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जाए।

शकुंतला कुमार।
शकुंतला कुमार।

पानी की वजह से घर ढह गए
मांडवा बस्ती में ही रहने वाले प्रकाश कुमार ने बताया कि प्रशासन को पानी छोड़ने से 24 घंटे पहले कम से कम निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सचेत करना चाहिए था। पानी की वजह से हमारी बस्ती में रहने वाले कुछ गरीब परिवारों के घर ढह गए। अब उनके भूखों मरने की नौबत आ गई है। अब तक न शहर के विधायक पहुंचे है न सांसद। कोई हमारी सुध लेने नहीं आया।

प्रकाश कुमार।
प्रकाश कुमार।

दयालबंद पुल भी डूबने की कगार पर
शनिचरी रपटा के के 2 फीट ऊपर से नदी का पानी बह रहा है। अब शहर का दयालबंद पुल भी डूबने की कगार पर पहुंच गया है। पुल के करीब पानी पहुंच चुका है। दूसरी तरफ बुधवार आधी रात तक बारिश होती रही। इसके बाद शनिचरी रपटा की तरह दयालबंद पुल के ऊपर से पानी के बहने की संभावना जताई जाने लगी है।

दयालबंद पुल लगभग डूबने की कगार पर पहुंच चुका है। यह तस्वीर बुधवार की रात 10 बजे की है।
दयालबंद पुल लगभग डूबने की कगार पर पहुंच चुका है। यह तस्वीर बुधवार की रात 10 बजे की है।

बेलगहना के 3 लोगों का रेस्क्यू
लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। बेलगहना चौकी से लगभग 28 किमी दूर ग्राम पंचायत सोनसाय नवागांव से 3 लोगों का पुलिस ने रेस्क्यू किया। सभी खुसरो सरगोड़ नदी और अरपा नदी का जल स्तर बढ़ने पर l खेत में बनी झोपड़ी में फंसे हुए थे। पुलिस ने सभी को 3 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में कामयाबी हासिल की।

बेलगहना के करीब पानी के बीच फंसे 3 ग्रामीणों को पुलिस ने रेस्क्यू किया।
बेलगहना के करीब पानी के बीच फंसे 3 ग्रामीणों को पुलिस ने रेस्क्यू किया।

लोगों को सुरक्षित जगह पर किया जा रहा शिफ्ट- निगम आयुक्त
निगम आयुक्त अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अरपा का जलस्तर बढ़ गया है ऐसे में नगर निगम, जिला प्रशासन और नगर सेना के कर्मचारी नदी के आसपास तैनात है। जिनके घरों में पानी भर गया है वहां राहत कार्य चलाया जा रहा है। कुदुदण्ड के कई घरों में पानी घुसा तो वहां गली नंबर एक के प्राइवेट स्कूल को खोलकर लोगों को शिफ्ट किया गया। इसके साथ ही जबड़ापारा के चंद्रा समुदायिक भवन, चिगराजपारा का स्कूल, जूना बिलासपुर में पुत्री शाला के साथ ही आसपास के सामुदायिक भवनों को खोला जा रहा है।

अगले दो दिन कम होगी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिन प्रदेश में कम बारिश होगी। गुरुवार को अधिकांश जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सरगुजा-बिलासपुर संभाग के जिलों में कुछ ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान है। रायगढ़ में बारिश संभावित है जबकि रायपुर-दुर्ग और बस्तर संभागों के अधिकांश जिलों में हल्की बरसात हो सकती है। 17 सितम्बर यानी शुक्रवार को सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, बस्तर और कोण्डागांव में हल्की से मध्यम स्तर बरसात होगी।

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