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ट्रायल रन अटका:उद्धाटन के इंतजार में घर पहुंच इलाज शुरू नहीं हो पाया

बिलासपुर8 महीने पहले
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  • मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन आज से होना था

झुग्गी बस्तियों में रह रहे लोगों को घर पहुंच स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सिर्फ इसलिए शुरू नहीं हो पा रही है,क्योंकि इसके ऑनलाइन उद्घाटन की तिथि निश्चित नहीं हो पाई है। सेवा का शुभारंभ मुख्यमंत्री से कराने की चर्चा है। दिल्ली में वार्ड क्लिनिक की तर्ज पर राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों में मोबाइल मेडिकल यूनिट चलाने का निर्णय लिया। इसके लिए सभी निगमों में पहले से चल रही अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सोसायटी का नाम बदल कर अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी रखा गया है। इसके पदेन अध्यक्ष कलेक्टर होते हैं। योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन करने के लिए बिलासपुर, रायपुर और राजनांदगांव नगर निगम ने साईंराम टेक्नो मैनेजमेंट सालुशन प्रायवेट लिमिटेड भोपाल को प्रति मोबाइल यूनिट 2.79 लाख प्रति माह की दर पर कार्य का ठेका दिया है। कंपनी ने मेडिकल यूनिट के साथ एमबीबीएस डाक्टर, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट और नर्स की टीम तीनों नगर निगमों में भेज दी है। अन्य निगमों ने उक्त कार्य का ठेका विभिन्न कंपनियों को दिया है, जो अब तक मेडिकल यूनिट सप्लाई नहीं कर पाए हैं।

हरी झंडी का इंतजार होता रहा
खबर है कि बुधवार से शहर में मोबाइल मेडिकल यूनिट का ट्रायल रन होना था। इसके लिए नगर निगम की ओर से सारी तैयारियां कर ली गई थीं, परंतु नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी. ने वीडियो कां‌फ्रेंसिंग में तैयारियों की समीक्षा की पर शुरू करने नहीं कहा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में उक्त तीन नगर निगमों को छोड़कर शेष 11 नगर निगमों में तैयारी नहीं होने के कारण ट्रायल रन को टाल दिया गया। सभी निगमों में एक साथ उक्त सेवा शुरू कराने के चक्कर में कोरोनाकाल में झुग्गी बस्तियों में रह रहे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लाभ से वंचित कर दिया गया है। शहर में 54 स्लम एरिया हैं, जहां 14870 परिवार निवासरत हैं। ईलाज की सुविधा सबसे पहले इन्हीं परिवारों को दी जाएगी। इसके बाद जरूरत के मुताबिक इसका उपयोग वार्डों में भी किया जा सकेगा। मोबाइल वैन में बैठकर डाक्टर इलाज करेंगे और छोटे मोटे ऑपरेशन भी उसी में हो जाएंगे। सर्वसुविधायुक्त बस में लैब भी है, जिसमें मल,मूत्र, खून आदि की तुरंत जांच कर रिपोर्ट दी जाएगी। गंभीर रूप से बीमार लोगों को डाक्टर सरकारी अस्पतालों में रेफर करेंगे।

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