CM के निर्देश के बाद DGP का दौरा:CG-MP अंतरराज्यीय सीमा का किया निरीक्षण; अमरकंटक से गौरेला खुद ही कार चलाकर गए

पेंड्रा7 महीने पहले
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डीजीपी ने कार से उतरते ही पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। - Dainik Bhaskar
डीजीपी ने कार से उतरते ही पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की।

छत्तीसगढ़ के रास्ते होने वाली गांजा तस्करी को रोकने सीएम भूपेश बघेल के निर्देश के बाद अब डीजीपी डीएम अवस्थी ने खुद ही दौरा शुरू कर दिया है। सीएम ने नशे की तस्करी रोकने पहले ही डीजीपी डीएम अवस्थी को अंतरराज्यीय सीमा पर चेकपोस्ट बनाने निर्देश दिए हुए हैं। यही वजह है कि अब जिन जिलों में पहले से ही अंतरराज्यीय सीमा है। वहां का दौरा खुद ही डीजीपी डीएम अवस्थी कर रहे हैं। इसी कड़ी में डीएम अवस्थी दो दिन के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के दौरे पर हैं। ये जिला छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश से जोड़ने वाला जिला है। ओडिशा से आए तस्कर छत्तीसगढ़ के रास्ते इन्हीं रास्तों से गांजा लेकर मध्यप्रदेश और दूसरे राज्य जाते हैं।

एक महीने पहले ही इस बात का खुलासा हुआ था कि आंध्र और ओडिशा से 600 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का गांजा छत्तीसगढ़ के ही रास्ते पूरे देश में जाता है। इसके बाद ही सीएम ने DGP डीएम अवस्थी को पड़ोसी राज्यों से जुड़ी सीमाओं पर पुलिस चेकपोस्ट बनाने के निर्देश थे। अपने दो दिन के दौरे पर पहुंचे डीजीपी ने जिले के थानों का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने अंतरराज्यीय सीमा कबीर चबूतरा और अंतरराज्यीय सीमा जलेश्वर का भी दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को सीमा के संबंध में जरूरी निर्देश भी दिए हुए हैं।

गौरेला रेस्ट हाऊस में डीजीपी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
गौरेला रेस्ट हाऊस में डीजीपी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

जिले के दौरे पर पहुंचे डीएम अवस्थी ने कहा मुख्यमंत्री के निर्देश पर हम लगातार प्रयास कर रहे हैं की सख्ती जारी रहे। चेकपोस्ट भी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा से मध्यप्रदेश जाने के पहले यदि छत्तीसगढ़ के कोई जिले में गांजा तस्करी पर कार्रवाई छूट जाती है तो कम से कम गौरेला-पेंड्रा-मरवहाी में तस्करों को पकड़ा जाना चाहिए। अपने दौरे के दौरान डीएम अवस्थी ने अमरकंटक का भी दौरा किया। उन्होंने अमरकंटक के नर्मदा उद्गम मंदिर में रुद्राभिषेक किया। साथ ही मां नर्मदा की पूजा अर्चना की।

अमरकंटक से गौरेला खुद कार चलाकर आए

अमरकंटक से गौरेला तक पहुंचने डीजीपी अवस्थी ने खुद ही कार चलाया डीजीपी ने कहा कि वह सतना में प्रोविजनल आईपीएस की पदस्थापना के दौरान से ही गाड़ी लगभग खुद चलाते रहे हैं। यहां अमरकंटक की वादियों में कार चलाना मेरी जिंदगी के सुखद अनुभव में से एक है। डीजीपी ने बताया कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बनने के बाद से ही उनकी यहां आने की तमन्ना थी। बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी, जिले के एसपी त्रिलोक बंसल, कलेक्टर नम्रता गांधी सहित तमाम अधिकारियों ने भी डीजीपी से यहां मुलाकात की।

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