इलाज मिल गया रहता तो जान बच सकती थी:एम्बुलेंस नहीं पहुंची, इलाज के अभाव में बच्चे की हो गई मौत

रामानुजगंज3 महीने पहले
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  • पीड़ित परिजन ने 108 और 112 पर की काॅल, किसी ने नहीं की रिसीव

रामचंद्रपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिलाजु में पंडो जनजाति के डेढ़ वर्षीय मासूम की इलाज के आभाव में मौत हो गई। यदि समय रहते मासूम को इलाज मिल गया रहता तो जान बच सकती थी। ग्राम पंचायत सिलाजु के यादव पारा में रहने वाले विनोद पंडों का डेढ़ वर्षीय पुत्र सूरज पंडो निमोनिया से पीड़ित था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके इलाज के लिए परिजन रामानुजगंज सीएचसी लाना चाहते थे।

उन्होंने इसके लिए 108 में फोन करने का बहुत प्रयास किया पर फोन नहीं लग सका। 112 में कॉल पर किसी ने रिसीव नहीं की। इसके बाद इसकी सूचना सनावल में 108 के कर्मचारी को दी गई पर इसके बाद भी मौके पर 108 नहीं पहुंची। इससे इलाज के अभाव ने मासूम की जान चली गई। परिजन मासूम के इलाज कराने के लिए शुक्रवार की रात लगभग 9 बजे सिलाजु से रामानुजगंज रोड में आकार लगातार 108 एवं 112 में संपर्क करने की कोशिश करते रहे परंतु संपर्क नहीं हो पाया और रात 11:30 बजे उसकी मौत हो गई।

रेफर किया गया था परिजन नहीं ले गए
सीएमएचओ डॉ. बसंत सिंह ने कहा की बच्चे को दो बार जिला चिकित्सालय बलरामपुर और एक बार गढ़वा में ब्लड चढ़ा था। वह बचपन से ही कमजोर था। उसे अंबिकापुर रेफर किया था पर परिजन दिखाने नहीं ले गए। गढ़वा से ही इलाज चल रहा था। रात में बच्चे की तबीयत बिगड़ी थी जिसके बाद एंबुलेंस नहीं मिलने की जानकारी मिली है। इसकी जांच करवाता हूं जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।

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