प्रवचन कार्यक्रम:अपने स्वभाव में रमन करना ही धर्म है: महासती सन्मति

डौंडीलोहारा4 दिन पहले
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शनिवार को नगर के जैन अर्चना भवन में महासती सन्मति श्रीजी मसा ने प्रवचन देते कहा कि भगवान महावीर ने आगमों के माध्यम से सुखी जीवन जीने की कला बताई है। प्रभु ने आगमों के माध्यम से कहा कि व्यक्ति जिस प्रकार सुदूर क्षेत्रों की यात्रा पर जाता है तो घर से पूरी तैयारी के साथ निकलता है, रास्ते पर लगने वाली पाथेय सहित विभिन्न आवश्यकता की चीजों को साथ में रखता है, जिससे उसकी यात्रा निर्विघ्न होती है।

उन्होने कहा कि ठीक इसी तरह इस जिंदगी की लंबी यात्रा के लिए धर्म रूपी पाथेय को साथ में रखना आवश्यक है, जिससे जिंदगी की यात्रा सुखमय हो। पर भव के लिए ही नहीं अपितु इस भव के लिए भी धर्म का साथ आवश्यक है। महासती ने धर्म की विवेचना करते हुए कहा कि अपने स्वभाव में रमन करना ही धर्म है।

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