स्मृति शेष:वर्ष 1979 में डौंडीलोहारा पहुंचे थे शांतिमुनि

डौंडीलोहारा2 दिन पहले
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शांत क्रांत संघ के वरिष्ठ संत गणाधिपति, महास्थविर शांति मुनिजी मसा का शुक्रवार को देर शाम राजस्थान के अजमेर में देवलोक गमन हो गया। उनके देवलोक की सूचना मिलते ही उनके अनुयायियों में शोक की लहर है। उल्लेखनीय है कि पूज्य शांतिमुनि जी मसा ने छग सहित देश के विभिन्न प्रांतों में विचरण कर अपना अलग ही छाप छोड़ी थी। जैन ही नहीं कई जैनेत्तर बंधु उनके अनुयायियों में शामिल थे। उनकी दिव्य प्रेरणा से कई लोगों ने कुमार्ग को छोड़कर सद्मार्ग की ओर अग्रसर हुए थे।

कई लोगों को धर्ममय आचरण में जोड़ा था। संघ के मिश्रीलाल चोपड़ा व प्रभात डोसी ने बताया कि पूज्य के सानिध्य में 1979 का वर्षावास डौंडीलोहारा नगर वासियों को प्राप्त हुआ था। उस ऐतिहासिक चातुर्मास में कई तप तपस्याएं हुई थी व अनेक पुण्यशाली आत्माओं ने धर्म का मार्ग ग्रहण किया था।

पूज्यश्री के सानिध्य में जैन संस्कार शिविर भी पूर्व में हुआ था। पूज्य श्री के सानिध्य में नगर में जैन भगवती दीक्षा भी हुई थी जिसमे नगर की दो बेटियों ने दीक्षा अंगीकार किया था। नगर में विराजित जैन साध्वी सन्मति श्रीजी मसा ने शांतिमुनि मसा के देवलोकगमन पर चार लोगस्स के ध्यान कराते हुए उनके आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की।

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